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Pinaki Chaudhuri लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे. करीब एक महीने पहले ज्यादा तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
डीएनए हिंदी: बांग्ला फिल्म जगत से एक दुखद खबर सामने आई है. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पिनाकी चौधरी (Pinaki Chaudhuri) अब इस दुनिया में नहीं रहे. बांग्ला फिल्म निर्देशक का लंबी बीमारी के चलते 82 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से टॉलीवुड की गलियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. तमाम फिल्मी सितारे और फैंस फिल्म निर्देशक को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
कैंसर से पीड़ित थे Pinaki Chaudhuri
जानकारी के अनुसार, पिनाकी चौधरी लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे. करीब एक महीने पहले ज्यादा तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और चार दिन पहले ही वे अस्पताल से छुट्टी के बाद घर वापस लौटे थे. खुद चिकित्सकों ने उन्हें जीवन के अंतिम दिनों में परिवार के साथ समय बिताने का सुझाव दिया था जिसके बाद कोलकाता स्थित अपने आवास पर पिनाकी ने अंतिम सांस ली.
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दो बार मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
पिनाकी चौधरी ने साल 1983 में सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था. उनका फिल्मी करियर 39 साल लंबा रहा. इस दौरान साल 1996 में फिल्म 'संघात' (संघर्ष) और फिर साल 2007 में 'बालीगंज कोर्ट' के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार (National Film Awards) से नवाजा गया.
इन सब के अलावा फिल्म निर्देशक को संगीत में भी खास रुचि थी. पिनाकी बांग्ला के वरिष्ठ फिल्म निर्देशकों में से एक थे. अब उनके निधन की खबर से फिल्मी जगत में दुख की लहर दौड़ पड़ी है. फैंस इसे बंगाली सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान बता रहे हैं.
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