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Bhimrao ambedkar jayanti 2025: बीआर अंबेडकर के जीवन को दर्शाती फिल्म 'डॉ बाबासाहेब अंबेडकर' सबसे पहले शाहरुख खान को ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने इस फिल्म को करने से मना कर दिया हैं. बाद में ये फिल्म मलयालम अभिनेता ममूटी ने की थी.
Bhimrao ambedkar jayanti 2025: आज 14 अप्रैल को पूरे देश में डॉ. भीवराव अंबेडकर जी की जयंती मनाई जा रही है. भारतीय सिनेमा में भी भीमराव अंबेडकर पर कई फिल्में और कई धारावाहिक बने हैं. इनमें अलग-अलग अभिनेताओं ने बीआर अंबेडकर के कैरेक्टर को बढ़िया तरीके से निभाया हैं. आज हम आपको एक ऐसी ही फिल्म के बारे में बताने जा रहे है जो भीमराव अंबेडकर के जीवन पर आधारित हैं. ये फिल्म सबसे पहले शाहरुख खान को ऑफर हुई थी. निर्देशक जब्बार पटेल के निर्देशन मे बनी इस फिल्म ने 3 नेशनल अवॉर्ड भी जीते हैं.
फिल्म 'डॉ बाबासाहेब अंबेडकर' क्यों है खास
वैसे तो बीआर अंबेडकर पर कई फिल्में बनी हैं लेकिन उनकी फिल्म 'डॉ बाबासाहेब अंबेडकर' हमेशा अलग रहेगी. इस फिल्म में मलयालम एक्टर ममूटी ने मुख्य भूमिका निभाई थी. इसके लिए ममूटी को तीसरा नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. लेकिन शुरूआत में ममूटी ने भी अपनी मूंछों के चलते इस फिल्म को करने से मना कर दिया था. निर्देशक ने कहा, 'टाइम कमिटमेंट और मूंछें मुंडवाने की जरूरत के कारण, ममूटी पहले इस किरदार को निभाने के मूड में नहीं थे. उन्होंने फिल्म बनाने में लगने वाले समय के लिए हर महीने दस दिन देने का वादा किया और कमिटमेंट के बाद उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर अपना पूरा ध्यान दिया.'
शाहरुख खान नें क्यों किया था मना
उन्होंने ये भी बताय कि जब उन्होंने इस फिल्म को बनाने का निर्णय लिया था तब वह सबसे पहले शाहरुख खान के पास गए थे. उस समय शाहरुख ने बड़े ही आदर से इस फिल्म को करने से मना कर दिया था. शाहरुख खान एक साक्षात्कार में इस फिल्म के बारे में बताते है उन्होंने कहा कि 'मैं वास्तविक जीवन से एक लेजेंड को चित्रित नहीं कर सकता. चरित्र के ग्रे हिस्से किसी के लिए भी दिलचस्प नहीं होंगे. इसे अपवित्र माना जाएगा. नसीरभाई, नाना और कमल हासन जैसे कई कलाकारों की मजबूत राजनीतिक या सामाजिक मान्यताएं हैं. वे इस तरह के किरदारों को निभाने के लिए योग्य हैं. मैं अगर महात्मा गांधी का किरदार निभाता हूं, तो भी ऐसा नहीं कर सकता. मेरे पास दृढ़ता, इच्छाशक्ति और संभवतः ऑथेंटिक पर्सनालिटी को चित्रित करने का स्किल भी नहीं है. आज से पांच साल बाद, मैं यह कर सकता हूं. लेकिन मैं अभी ऐसा नहीं कर सकता.'
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कितने बजट में बनी थी फिल्म
उस समय ये फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई. इस फिल्म 'डॉ. बाबा साहिब अंबेडकर' को मात्र 8.95 करोड़ रुपये के बजट में बनाया गया था. इसके अलावा, हॉलीवुड के रॉबर्ट डी नीरो को भी इस भूमिका के लिए ऑफर किया गया था. फिल्म ने तीन राष्ट्रीय पुरुष्कार भी जीते हैं. जिसमें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (ममूटी), सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन (नितिन चंद्रकांत देसाई) और अंग्रेजी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं. ये फिल्म सन् 2000 में रिलीज हुई थी.
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