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1993 Mumbai Blast और 26/11 मुंबई अटैक में स्पेशल प्रॉसीक्यूटर रहे उज्जवल निकम अब राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं. निकम ने कहा है कि संजय दत्त ने पुलिस को हथियारों से भरे वैन के बारे में नहीं बताया, बताते तो मुंबई हमला टाला जा सकता था.
स्पेशल प्रॉसीक्यूटर उज्ज्वल निकम अब राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं. इस बड़े पॉलिटिकल लीप से पहले एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में निकम ने अपने लॉ करियर पर लंबी बात की. उन्होंने 1993 Mumbai Blasts पर भी बात की. उन्होंने कहा कि 1993 के मुंबई धमाके टल गए होते अगर संजय दत्त ने पुलिस को उस वैन के बारे में सूचना दे दी होती जिससे उन्होंने AK 47 गन उठाया था. मुंबई धमाकों में 267 लोग मारे गए थे. आपको बता दें कि उज्ज्वल निकम 1993 मुंबई ब्लास्ट मामले और 26/11 मुंबई अटैक मामलों में स्पेशल प्रॉसीक्यूटर रहे हैं. अजमल कसाब को फांसी दिलवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
उज्ज्वल निकम ने कहा कि संजय दत्त कानून की नज़र में दोषी हैं लेकिन वो उन्हें निर्दोष मानते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं बस एक बात कहूंगा कि 12 मार्च को धमाके हुए और धमाकों से कुछ दिन पहले संजय दत्त के घर के बाहर एक वैन आई. इसमें हथियार, हैंड ग्रेनेड्स भरे हुए थे. अबु सलेम वो वैन लेकर पहुंचा था. संजय ने कुछ हैंड ग्रेनेड्स और गन उठाए, उन्होंने एक AK 47 अपने पास रखा और बाकी सब लौटा दिया. अगर उस वक्त उन्होंने पुलिस को उस वैन की सूचना दे दी होती तो मुंबई धमाके नहीं होते.' उज्जवल निकम ने कहा कि ये बात उन्होंने संजय के वकील से भी कही थी कि प्रतिबंधित हथियार अपने पास रखना एक चीज़ है, लेकिन पुलिस को सूचना न देने की वजह से ब्लास्ट हो गया. जिसमें इतने लोगों की मौत हो गई.
1993 मुंबई ब्लास्ट्स के मुंबई पुलिस को संजय दत्त के पास प्रतिबंधित AK 47 हथियार मिला था. उन पर TADA एक्ट के तहत आतंकी हमलों में शामिल होने के आरोप लगे थे. साल 2007 में टाडा कोर्ट ने संजय दत्त को आतंकवाद से जुड़े सभी आरोपों से बरी कर दिया था. हालांकि, प्रतिबंधित और गैर लाइसेंसी हथियार रखने के आरोप में संजय दत्त को 6 साल की कड़ी सज़ा सुनाई गई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा को 5 साल कर दिया था. जब टाडा कोर्ट ने संजय दत्त को सज़ा सुनाई तब वो घबरा गए थे, इस दौरान प्रॉसीक्यूटर उज्ज्वल निकम संजय दत्त के पास गए, उनके कान में कुछ खुसफुसाए और उसके बाद संजय दत्त शांत हुए. इस बातचीत को मीडिया में खूब रिपोर्ट किया गया लेकिन कभी भी ये सामने नहीं आया कि उज्ज्वल निकम ने क्या कहा था.
मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में उज्ज्वल निकम ने बताया, 'मैंने देखा कि उनकी बॉडी लैंग्वेज बदल रही है. मुझे लगा कि वो शॉक में हैं. वह विटनेस बॉक्स में थे और मैं उनके पास ही खड़ा था.' उज्ज्वल ने संजय से कहा था, 'संजय ऐसा मत करो. मीडिया आपको देख रही है. आप एक एक्टर हैं. अगर आप सज़ा से डर जाएंगे तो लोगों को लगेगा कि आप गिल्टी हैं. आपके पास अपील करने का मौका है.' निकम ने बताया कि इसके बाद संजय दत्त शांत हुए.
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