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Yash Chopra: इंजीनियर बनना चाहते थे 'किंग ऑफ रोमांस', इस सुपरस्टार की वजह से बनी थी Yash Raj Films

बॉलीवुड के 'किंग ऑफ रोमांस' कहे जाने वाले फेमस फिल्ममेकर Yash Chopra किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर जानिए खास बातें.

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Yash Chopra: इंजीनियर बनना चाहते थे 'किंग ऑफ रोमांस', इस सुपरस्टार की वजह से बनी थी Yash Raj Films

Yash Chopra यश चोपड़ा

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डीएनए हिंदी: 'चांदनी', 'दिल तो पागल है', 'वीर जारा', 'चांदनी', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी तमाम एवरग्रीन और आइकॉनिक फिल्में बनाने वाले हिंदी सिनेमा के फेमस फिल्ममेकर यश चोपड़ा (Yash Chopra) की आज 90वीं बर्थ एनिवर्सरी है. आज यश चोपड़ा भले ही हमारे बीच नहीं हैं पर उनकी फिल्में लोगों के दिलों में बसी हुई हैं. साल 1932 में जन्मे यश चोपड़ा का जन्म लाहौर में हुआ. वो इंजीनियर बनना चाहते पर किस्मत ने उन्हें 'किंग ऑफ रोमांस' (King of Romance) बना दिया. उन्होंने अपनी फिल्मों में प्यार की परिभाषा को ही बदल कर रख दिया था. आज इस खास मौके पर आपको यश चोपड़ा से जुड़ी कई कहानियों से रूबरू कराएंगे जिनके बारे में शायद ही आपको मालूम हो. 

यश चोपड़ा 27 सितंबर, 1932 को ब्रिटिश इंडिया के लाहौर (अब पाकिस्तान में) में जन्मे थे. बंटवारे के बाद वो परिवार सहित पंजाब के जलंधर शहर चले गए पर उनके बड़े भाई बी आर चोपड़ा (BR Chopra) फिल्में बनाने के लिए मुंबई चले आए. यश इंजीनियर बनना चाहते थे, वो इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लंदन भी जाने वाले थे पर उनकी किस्मत में कुछ और ही था. बड़े भाई के साथ काम करने के लिए यश चोपड़ा भी मुंबई आ गए. कुछ सालों बाद उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस यशराज फिल्म्स (Yash Raj Films) बना लिया. यश चोपड़ा का निधन 21 अक्टूबर, 2012 को मुंबई में हुआ. साल 2001 में यश चोपड़ा को हिन्दी सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया.

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राजेश खन्ना के नाम को खुद के नाम के साथ जोड़ा 

राजेश खन्ना के साथ से ही यश चोपड़ा ने 'यश राज फिल्म्स' की नींव रखी गई थी. YRF के बैनर तले पहली फिल्म बनी जिसका नाम था 'दाग'. शुरुआत में इस फिल्म को खरीदने के लिए कोई डिस्ट्रीब्यूटर राजी नहीं था. ऐसे में सुपरस्टार राजेश खन्ना ने ये कहते हुए यश को राहत दी कि फिल्म जब तक लागत नहीं निकाल लेती वो फीस नहीं लेंगे. फिल्म की एक्ट्रेस राखी और साहिर लुधियानवी ने भी यही किया.

लोगों ने यश को कहा कि ये फिल्म फ्लॉप होगी, इसलिए ज्यादा प्रमोशन करना बेवकूफी होगी. फिल्म को सिर्फ 9 थिएटर में रिलीज किया गया. फिल्म ने लोगों पर ऐसा जादू किया कि अगले दिन से ही फिल्म को कई स्क्रीन मिलने लगीं और फिल्म हिट हो गई. यश चोपड़ा हमेशा से ही राजेश खन्ना के शुक्रगुजार रहे, क्योंकि उन्हीं की मदद से दाग फिल्म बनी और हिट रही. कहा जाता है कि यश चोपड़ा अपने नाम में राजेश खन्ना का राज लगाया करते थे. 

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इस एक्ट्रेस के प्यार में दीवाने थे यश चोपड़ा

मुमताज और यश ने 1969 में 'आदमी और इंसान' फिल्म में साथ काम किया था. कहा जाता है कि यश कभी मुमताज के प्यार में पागल थे. दोनों की शादी की बात घर तक पहुंच चुकी थी. उनके भाई बीआर चोपड़ा हाथ मांगने उनके घर भी गए थे, लेकिन एक्ट्रेस के घरवालों ने इससे इनकार कर दिया.

मुमताज के घर वाले चाहते थे कि अभी वो अपने करियर पर ध्यान दें. हालांकि इसके बाद 1970 में यश ने पामेला से शादी कर ली. यश की शादी के एक साल बाद मुमताज ने भी शादी कर ली और फिल्मी दुनिया से किनारा कर लिया था. 

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कई एक्टर्स की चमकाई थी किस्मत

यश चोपड़ा ने अपनी फिल्मों से कई सितारों को स्टारडम का दर्जा दिलाया. 1975 में फिल्म 'दीवार' से उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन की एंग्री यंग मैन की छवि बनाई. अमिताभ की लीड रोल वाली फिल्म कभी-कभी (1976), त्रिशूल (1978), काला पत्थर (1979), सिलसिला (1981) यश चोपड़ा की बेहतरीन फिल्में तो थी हीं, इन फिल्मों से बिग बी की भी किस्मत चमक गई.

यहां तक कि उन्होंने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के साथ 'डर', 'दिल तो पागल है' और 'वीर जारा' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाईं. शाहरुख के साथ यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म 'जब तक है जान' रही.

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