बॉलीवुड
बॉलीवुड के जाने माने एक्टर विजय राज को 2020 के रेप केस मामले से बरी कर दिया गया है. एक्टर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है.
बॉलीवुड के जाने माने एक्टर, जो कि स्त्री( Stree) देल्ही बेली (Delhi Belly) और कई अन्य फिल्मों में अहम भूमिका निभा चुके विजय राज (Vijay Raaz) रेप मामले को लेकर चर्चा में बने रहे. विजय राज पर विद्या बालन (Vidya Balan) की फिल्म शेरनी (Sherni) के सेट पर एक सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न और पीछा करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद इस 2020 केस को लेकर अब फैसला आ गया है. दरअसल, गोंदिया कोर्ट ने इस मामले में एक्टर को भरी कर दिया है.
गोंदिया में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक्टर विजय राज को गोंदिया और बालाघाट में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान 2020 में उनके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है. अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद उन्हें निर्दोष पाया है और उनके खिलाफ सभी आरोपों से उन्हें रिहा कर दिया है. न्यायाधीश महेंद्र सोरटे के द्वारा सुनाए गए फैसले में 51 साल के एक्टर को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 A(यौन उत्पीड़न) और 354 डी( पीछा करना) के तहत आरोपों से मुक्त कर दिया गया है, जिसमें सबूतों की कमी और सही तरीके से प्रॉसीक्यूशन पक्ष अपराध साबित करने में असफल रहा है.
मामला 25 से 29 अक्टूबर 2020 का है, जब एक महिला क्रू मेंबर ने गोंदिया के होटल गेटवे और बाद में बालाघाट के जटाशंकर कॉलेज में फिल्म की शूटिंग के दौरान राज पर अनुचित बर्ताव करने का आरोप लगाया था, जिसमें गलत तरीके से छूना और गलत कमेंट करना भी शामिल था. एक्टर की वकील सवीना बेदी सच्चर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा नागपुर के पास शेरनी की शूटिंग कर रहे एक्टर को न केवल फिल्म की शूटिंग बीच में ही छोड़नी पड़ी, बल्कि उसके बाद उन्हें काम भी खोना पड़ा. हालांकि अब उन्हें निर्दोष घोषित कर दिया गया है और उन्हें उम्मीद है कि यह मामला उन लोगों के एक उदाहरण बनेगा जो आरोप लगते ही आरोपी को दोषी करार दे देते हैं.
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विजय राज के खिलाफ 3 नवंबर 2020 को एफआई दर्ज की गई थी, जिसके मुताबिक एक्टर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को छूने की कोशिश की और बिना उसकी सहमति के उसका मास्क ठीक किया और उसकी शारीरिक बनावट पर भी कमेंट किया. बाद में महिला ने अपने सीनियर्स को इस घटना के बारे में जानकारी दी और रामनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद एक्टर को 4 नवंबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट में एक होटल में क्रू मेंबर से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां फिल्म क्रू ठहरा हुआ था. हालांकि गिरफ्तारी के बाद एक्टर को उसी दिन रिहा कर दिया गया था. जांच के दौरान पुलिस ने होटल से सीसीटीवी फुटेज जब्त की और गवाहों के बयान भी दर्ज किए.
हालांकि इस पूरे मामले में अदालत का कहना है कि मुख्य गवाहों ने घटना को सीधे तौर पर नहीं देखा. सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ ऐसा नहीं है, जिससे सही फैसला लिया जा सके. मुख्य शिकायतकर्ता गवाही देने के लिए मौजूद नहीं थी, क्योंकि केस समाप्त होने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी. प्रॉसीक्यूशन पक्ष के गवाह मुकर गए या दस्तावेजों का कंटेंट इसकी पुष्टि नहीं कर सकें. जिसके कारण आखिर में अदालत ने प्रॉसीक्यूशन पक्ष किसी भी तरह से यौन उत्पीड़न को साबित करने में असफल रहा और विजय राज को इस मामले से बरी कर दिया गया.
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अदालत ने राज़ की जमानत रद्द करने, जमानत राशि वापस करने और अपील अवधि के बाद जब्त फुटेज को नष्ट करने का भी आदेश दिया. उन्हें सीआरपीसी की धारा 437-ए के तहत छह महीने के लिए 7,000 रुपये का जमानत बांड भरने का निर्देश दिया गया है ताकि अगर कोई अपील दायर की जाती है तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके.
(With ANI Inputs)
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