बॉलीवुड
प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता श्याम बेनेगल का सोमवार को मुंबई में 90 बरस की उम्र में निधन हो गया. भारतीय सिनेमा को उन्होंने 'मुजीब', 'अंकुर' व 'मंथन' जैसी दमदार फिल्में दीं.
Filmmaker Shyam Benegal Passes Away At The Age Of 90: प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता श्याम बेनेगल का सोमवार को मुंबई में 90 बरस की उम्र में निधन हो गया. इसी 14 दिसंबर को उन्होंने अपना 90वां जन्मदिन मनाया था. श्याम बेनेगल ने अपने करियर में बेहद शानदार फिल्में बनाई हैं. उन्होंने अंकुर, मंथन और मुजीब जैसी दमदार फिल्में भारतीय सिनेमा को दीं. 'मुजीब' एक ऐसी फिल्म है जिसने भारत ही नहीं बांग्लादेश में भी सुर्खियां बटोरी थीं.
'मुजीब' क्यों रही थी चर्चा में
'मुजीब : द मेकिंग ऑफ ए नेशन' फिल्म अक्टूबर 2023 में आई थी. इस फिल्म ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि बांग्लादेश में भी सुर्खियां बटोरी थीं. यह फिल्म बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान पर बनाई गई थी. शेख मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति भी थे. मुजीबुर्रहमान पर बनी इस फिल्म ने बांग्लादेश में साल 2024 में तख्तापलट तक करवा दिया था और शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था. यह फिल्म बांग्लादेश के राषट्र्पति शेख मुजीबुर्रहमान की बायोपिक है. इस फिल्म में मुजीबुर्रहमान के राजनीतिक सफर की शुरुआत के बारे में बताया गया है.
श्याम बेनेगल: जन्म और शिक्षा
श्याम बेनेगल का जन्म 14 दिसंबर, 1934 में हुआ हैदराबाद में हुआ था. जब श्याम 12 साल के थे तब उन्होंने अपनी पहली फिल्म बनाई थी. उन्होंने इकनॉमिक्स में एमए किया और बाद में हैदराबाद फिल्म सोसायटी की स्थापन की. श्याम बेनेगल की शादी नीरा बेनेगल के साथ हुई और अब उनकी एक बेटी पिया बेनेगल है. पिया बेनेगल एक कॉस्ट्यूम डिजाइनर हैं.
श्याम बेनेगल : करियर
श्याम बेनेगल ने 1959 में कॉपी राइटर के तौर पर एक एडवरटाइजिंग एजेंसी में काम शुरू किया था. बेनेगल ने गुजराती में पहली डॉक्यूमेंट्री घेर बेठा गंगा 1962 में बनाई. 1966 और 1973 में श्याम ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे में पढ़ाया भी था और दो बार इसके चेयरमैन भी रहे. जवाहरलाल नेहरू और सत्यजीत रे पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के अलावा उन्होंने दूरदर्शन के लिए धारावाहिक 'यात्रा', 'कथा सागर' और 'भारत एक खोज' का भी निर्देशन किया. श्याम बेनेगल के नाम सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड है. उन्हें 8 फिल्मों के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
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कितनी फिल्में, कितने अवॉर्ड्स
श्याम बेनेगल को आर्ट सिनेमा का जनक भी माना जाता है. उनकी फिल्मों ने 8 नेशनल अवॉर्ड जीते थे. उन्होंने जुबैदा, द मेकिंग ऑफ द महात्मा, नेताजी सुभाष चंद्र बोसः द फॉरगोटन हीरो, मंडी, आरोहन, वेलकम टु सज्जनपुर जैसी दर्जनों बेहतरीन फिल्में बनाई हैं. श्याम बेगेनल को दादा साहब फाल्के सम्मान भी मिल चुका है. श्याम बेनेगल ने अपने करियर में 24 फिल्में, 45 डॉक्यूमेंट्री और 1500 एड फिल्म्स बनाई हैं. उन्हेंन 1976 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. 1991 में श्याम बेगेन को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था.
'अंकुर' से 'मुजीब' तक का सफर
श्याम बेनेगल ने 1974 में पहली फिल्म 'अंकुर' बनाई थी. इस फिल्म में उन्होंने आंध्र प्रदेश के किसानों के मुद्दों को उठाया था. वहीं, 'मुजीब - द मेकिंग ऑफ अ नेशन' उनकी आखिरी फिल्म थी. मुजीब की शूटिंग दो साल तक हुई थी. यह फिल्म मुजीबुर रहमान की जिंदगी पर आधारित थी.
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