बॉलीवुड
बॉलीवुड एक्टर एजाज खान (Ajaz Khan) पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाया है. जिसके बाद महिला ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.
बॉलीवुड एक्टर एजाज खान (Ajaz Khan) इन दिनों अपने हाउस अरेस्ट (House Arrest) वेब शो को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. इस शो को लेकर बीते दिनों काफी विवाद हुआ है और इसे बैन करने की मांग उठी है. इस बीच मुंबई के चारकोप पुलिस स्टेशन में एक महिला के द्वारा एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और महिला ने उनपर रेप का आरोप का आरोप लगाया है. महिला के अनुसार खान ने उन्हें शादी और अपने वेब शो में रोल दिलाने का वादा करके उसका यौन शोषण किया.
शिकायत के अनुसार एजाज ने महिला को अपने शो हाउस अरेस्ट की होस्टिंग के लिए इनवाइट किया, जो उल्लू ऐप पर स्ट्रीम होता है. शूटिंग के दौरान खान ने उसे प्रपोज किया और बाद में उसका धर्म परिवर्तन करने के बाद उससे शादी करने का वादा किया. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक्टर ने उसे अपने घर बुलाया. जहां उसका यौन शोषण किया गया. पुलिस ने भारती. न्याय संहिता(बीएनएस) की धारा 64, 64(2)(एम), 69 और 74 के तहत मामला दर्ज किया है.
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एजाज खान का विवादों से पुराना नाता है. 11 अप्रैल 2025 को शुरू होने वाले उनके वेब शो हाउस अरेस्ट को राजनीतिक और सामाजिक समूहों की ओर से काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें कई लोगों ने शो को अश्लील बताया है और सरकार की ओर से इसको लेकर कार्रवाई की मांग की है.
राष्ट्रीय महिला आयोग(एनसीडब्ल्यू) ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के रियलिटी शो में कथित तौर पर अश्लील कंटेंट दिखाए जाने के लिए एक्टर और उल्लू ऐप के सीईओ विभु अग्रवाल को भी तलब किया गया है. आयोग ने शो के होस्ट एजाज खान और अग्रवाल को 9 मई को पेश होने के लिए बुलाया है. एजाज ने हाउस अरेस्ट शो को बिग बॉस और लॉक अप जैसे पॉपुलर कैप्टिव रियलिटी शो का बिना सेंसर वाला वर्जन बताया है. इस शो में 12 कंटेस्टेंट हैं, जिसमें से नौ महिलाएं और तीन पुरुष हैं, जिन्हें एक आलीशान विला में बंद करके रखा जाता है और उनसे कई तरह के काम करने को कहा जाता है.
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पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिसमें अश्लील कंटेंट की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई थी. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने पाया कि याचिका में "महत्वपूर्ण चिंता" का मुद्दा उठाया गया है और ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट के नियमन की मांग करने वाली जनहित याचिका पर नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, ऑल्ट बालाजी, उल्लू, एएलटीटी, एक्स (पूर्व में ट्विटर), मेटा इंक, गूगल, मुबी, एप्पल और अन्य से जवाब मांगा है.
(With ANI Inputs)
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