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फिल्म फुले (Phule) के ब्राह्मण विवाद को लेकर प्रतीक गांधी (Pratik Gandhi) और डायरेक्टर अनंत महादेवन (Anant Mahadevan) ने डीएनए से खास बातचीत की.
Phule: प्रतीक गांधी (Pratik Gandhi) और पत्रलेखा (Patralekha) स्टारर फिल्म फुले (Phule) 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, हालांकि मूवी को पहले 11 अप्रैल को रिलीज किया जाना था, लेकिन कुछ विवादों के कारण इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है.. फिल्म की कहानी रियल लाइफ ज्योतिराव गोविंदराव फुले और उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले के जीवन पर आधारित है. फिल्म में दिखाया जाएगा कि किस तरह से दोनों समाज की रूढ़िवादी प्रथाओं के खिलाफ लड़ते हैं और महिलाओं को उनकी पढ़ाई का हक दिलाते हैं. इस बीच फिल्म के डायरेक्टर अनंत महादेवन (Anant Mahadevan), प्रतीक गांधी और एक्ट्रेस पत्रलेखा ने डीएनए से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने फिल्म से जुड़े विवाद और कई अन्य पहलुओं पर अपने विचार साझा किए.
प्रतीक गांधी से फिल्म फुले को लेकर पूछा गया, क्योंकि ब्राह्मणों पर छिड़े विवाद को लेकर फिल्म की रिलीज डेट 11 अप्रैल से 25 अप्रैल कर दी गई है. इसपर प्रतीक ने कहा, '' हमनें यही इतिहास में पढ़ा है. हिस्ट्री में जो हुआ है, वही फिल्म है. मैं और मेरी टीम है. मैं ईमानदारी से कह सकता हूं कि इसमें कोई प्रोपेगैंडा नहीं है, कोई व्हाइटवॉश नहीं है. हमनें इसे वैसे ही दिखाने की कोशिश की जैसा है. हां मानता हूं कि ये फिल्म है, तो यह थोड़ा सा ड्रामाटिक है और उस दौरान वो घटना हुई बस आपको ये पता है, किसने क्या पहना किसने क्या बोला ये किसी को नहीं पता, तो हम उसे कैसे दिखा रहे हैं बस वही ड्रैमेटाइजेशन है. इससे ज्यादा कुछ नहीं और किसी को बुरा लगने की बात है तो मैं कहूंगा कि सिर्फ ट्रेलर देखा है आपने पूरी फिल्म को जज मत करो. पूरी फिल्म देखोगे तो आपको पता चलेगा कि क्या है उसमें. आपको उसका नजरिया समझ आएगा. सिर्फ एक लाइन से अगर आपको लग रहा है कि ये गलत है तो वो गलत नहीं है.वो आप देखो पहले.
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पत्रलेखा से इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि क्या वह हिंदी के अलावा अन्य भाषा की फिल्मों में काम करना चाहेंगी, क्योंकि जैसा कि पिछले कुछ वक्त से मलयालम, या कन्नड़ फिल्में जिनके बजट कम होते हैं, लेकिन यह दर्शकों पर अच्छा असर डाल रही हैं. इसपर पत्रलेखा ने कहा, '' हां मैं मलयालम फिल्म करना चाहूंगी, मुझे लगता है कि वे अच्छी फिल्में बना रहे हैं और वे नए और अपकमिंग टैलेंट को सपोर्ट कर रहे हैं. उनके लिए उनका कंटेंट सबसे ज्यादा अहम है. इस दौरान एक्ट्रेस ने सान्या मल्होत्रा की फिल्म मिसेज की तारीफ की और कहा कि वह बहुत अच्छी फिल्म है, जो कि द ग्रेट इंडियन किचन की रीमेक है. इसके अलावा एक और फिल्म है, जया जया जया जया हे, वो भी बहुत अच्छी फिल्म है, फेमिनिज्म पर है. तो मुझे लगता है कि मैं मलयालम फिल्मों में काम करना चाहूंगी. इस बीच डायरेक्टर अनंत कहते हैं कि आप जल्दी से मलयालम फिल्म सीख लो तो मैं आपके साथ मलयालम फिल्म करूंगा.
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इसके बाद अनंत महादेवन से उनकी एक्टिंग जर्नी और फिल्म बाजीगर को लेकर पूछा गया तो उन्होंने अपने और अब्बास मस्तान के साथ की यादें ताजा की. बता दें कि अनंत इससे पहले खिलाड़ी फिल्म में अब्बास मस्तान के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने बाजीगर को लेकर बताया कि, '' अब्बास मस्तान ने खिलाड़ी के बाद मुझसे कहा कि मैं उनकी हर फिल्म में रहूंगा. लेकिन इस बीच एक न्यूज आई कि बाजीगर पूरी हो गई है. लेकिन फिर कुछ महीनों बाद मुझे फोन आया कि अब्बास मस्तान ने आपको बुलाया. मैंने कहा किस फिल्म के लिए. तो कहा कि बाजीगर के लिए. मैंने कहा कि वो तो कंप्लीट है ना. तो ऐसा हुआ कि उन्होंने फिल्म देखी, शाहरुख कैरेक्टर कर रहा है, जो लड़कियों को मार रहा है, ये तो नेगेटिव कैरेक्टर हो गया, तो सिंपैथी नहीं मिलेगी. तो आपको एक सिंपैथी वाला ट्रैक डालना पड़ेगा. तो मैंने जो उसके पिता का रोल किया है, वो बाद में जोड़ा गया है, राखी जी के साथ. तो ये सारी चीजें बाद में हुई.
इस बीच अनंत से साउथ फिल्मों को लेकर पूछा गया कि वे आज शानदार कर रही हैं और हिंदी सिनेमा पहले की तरह अच्छा नहीं कर पा रहा है. इसपर अनंत ने कहा, '' कि मैं उनपर उंगली नहीं उठा सकता हूं, हम अभी से देख रहे हैं, लेकिन मैं अपने बचपन से देख रहा हूं, क्योंकि उनका फॉर्मूला चेंज नहीं हुआ है. बस इंडियन ऑडियंस को उसमें नयापन लगा और हिंदी फिल्मों में उन्हें कमी लगी. तो मुझे लगता है कि ये बस फेज हैं. वो भी शायद इस फेज पर आ जाएगा अगर वो भी इसी को करते रहे, इसलिए उन्हें थोड़ा इसको लेकर सतर्क रहना होगा, क्योंकि सब कुछ हमेशा नहीं रहता.
वहीं, ब्राह्मण विवाद को लेकर अनंत ने कहा, '' कुछ लोगों को, कुछ कम्यूनिटीज को संदेह था कि हमने उनको सही तरीके से नहीं दिखाया है. मैं खुद ब्राह्मण हूं, मुझसे कट्टर कोई ब्राह्मण नहीं हो सकता और ये मैं साबित कर सकता हूं. मैं अपनी ही कम्युनिटी को नीचा नहीं दिखाऊंगा. आप एक ट्रेलर से ये तय नहीं कर सकते कि फिल्म क्या है. ब्राह्मणों ने सावित्रीबाई और ज्योतिराव को स्कूल खोलने की जगह दी. तो ब्राह्मण और ज्योतिबा सावित्री का जो बॉन्ड है, दोनों का बहुत मजबूत बॉन्ड है. तो जो ब्राह्मण कहते हैं कि आपने हमारे खिलाफ कुछ कहा है, तो हम उसे क्लियर करना चाहते हैं. फिल्म को हम पॉजिटिव और अच्छे तरीके से रिलीज करना चाहते थे. इसलिए हम एक दो हफ्ते लेकर फिल्म को 25 को रिलीज कर रहे हैं.
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