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प्यार-मोहब्बत के गाने बनाने वाले इस स्टार की नहीं टिकी शादी, 26 साल पहले बनाई आखिरी फिल्म पर हो गया डिप्रेशन

हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज सितारे की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ हमेशा चर्चा में ही रही है. उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में तो बनाईं पर आखिरी वाली का डायरेक्शन करने के बाद उन्होंने मूवी बनाने से तौबा कर लिया.

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प्यार-मोहब्बत के गाने बनाने वाले इस स्टार की नहीं टिकी शादी, 26 साल पहले बनाई आखिरी फिल्म पर हो गया डिप्रेशन

Gulzar sahab (pc: Instagram)

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'हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते, वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते....' इन लाइनों को किसी और ने नहीं बल्कि हिंदी फिल्म जगत के मशहूर फिल्ममेकर और लेखक गुलजार (Gulzar) ने लिखा है. उनकी नज्में और गानों ने इंडस्ट्री को गुलजार किया है. 5 दशकों के लंबे फिल्मी करियर में गुलजार साहब ने कई गाने लिखे और कई फिल्मों का भी निर्देशन किया. उनकी लिखी कहानियों, कविताओं, शेर, नज्मों और गीतों को लोगों ने हमेशा पसंद किया. हालांकि उनकी प्रोफेशनल के अलावा पर्सनल लाइफ भी काफी सुर्खियों में रही है. उनकी 2-2 शादियां नाकाम हुई थीं और आज वो अकेले रहते हैं. 

गुलजार के नाम से मशहूर सम्पूर्ण सिंह कालरा को बचपन से ही लिखने का काफी शौक था. वो कभी गैरेज में कार मैकेनिक का काम करते थे और अपने खाली समय में कविताएं लिखते थे. अब वो अलग मुकाम हासिल कर चुके हैं. उनकी हर कविता, गीत और नज्म में अलग ही रूहानियत होती है जो सबके दिल को छू जाती है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 60 के दशक में फिल्म 'बंदिनी' से गीतकार के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक गाने और कहानियां दे चुके हैं. आलम ये है कि गुलजार का मुकाबला आज तक कोई नहीं कर पाया है.

1999 के बाद फिल्म बनाने से किया तौबा

गुलजार ने साल 1971 में फिल्म 'मेरे अपने' से डायेक्शन में डेब्यू किया था. इस फिल्म में मीना कुमारी, विनोद खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कलाकार थे. फिल्म की कहानी और गुलजार के डायरेक्शन ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींचा. इसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में बनाई पर 1999 में हु तू तू के बाद उन्होंने डायरेक्शन से तौबा कर लिया और फिर कभी कोई मूवी नहीं बनाई. 

कहा जाता है कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उन्होंने ये फैसला किया. रिपोर्ट्स में कहा गया कि वो इसके बाद डिप्रेशन का शिकार हो गए थे और उन्हें इससे बाहर बेटी मेधना ने निकाला था.

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नाकाम रही शादी

गुलजार साहब और राखी साल 1973 में धूम-धाम से शादी के बंधन में बंधे थे.  हालांकि शादी के एक साल के बाद बिना तलाक के वो अलग हो गए. गुलजार ने राखी से शादी करने से पहले शर्त रखी थी कि वो फिल्मों में काम नहीं करेंगी. तब राखी ने यह शर्त मान ली थी, लेकिन शादी के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे फिल्मों में वापस आना चाहती हैं. यह मतभेद उनकी शादी टूटने का कारण बना था.

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