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Aamir Khan ने 8 सालों तक झेला गरीबी का दर्द, स्कूल में ऐसे बेइज्जत करते थे प्रिंसिपल

Aamir Khan ने अपनी फिल्म Laal Singh Chaddha की रिलीज से पहले अपने बचपन से जुड़े एक दर्दनाक किस्सा शेयर किया है जब वो गरीबी के हालातों के कारण स्कूल की फीस तक नहीं भर पाते थे.

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Aamir Khan ने 8 सालों तक झेला गरीबी का दर्द, स्कूल में ऐसे बेइज्जत करते थे प्रिंसिपल

Aamir Khan: आमिर खान

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डीएनए हिंदी: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' (Laal Singh Chaddha) को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में बने हुए हैं. वो इस फिल्म के प्रमोशन में जी-जान से जुटे हैं. वहीं, हाल ही में एक प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बचपन से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि एक वक्त पर उनक परिवार कर्ज में बुरी तरह डूबा था जिसकी वजह से बचपन में उन्हें तमाम परेशानियां देखनी पड़ीं. आमिर ने बताया कि गरीबी के कारण उनके लिए पढ़ाई करना भी नामुमकिन हो था. फीस (Aamir Khan School Fees) भरने में देरी हो जाने के कारण उन्हें हमेशा बेइज्जत होना पड़ता था.

आमिर 4 भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं. उनके परिवार में भाई फैजल खान, बहन फरहत और निखत भी हैं. वहीं, हाल ही में उन्होंने Humans of Bombay को दिए गए एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़े कई किस्से साझा किए हैं. इस दौरान उन्होंने वो वक्त याद किया जब उनका परिवार 8 सालों तक सिर से पांव तक कर्ज में डूबा रहा था. उस वक्त आमिर के माता-पिता उनके स्कूल की फीस तक नहीं जुटा पाते थे.

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आमिर ने बताया कि तब छठवीं क्लास में 6 रुपये, सातवीं में 7 रुपये और आठवीं में 8 रुपए फीस हुआ करती थी. आमिर खान फिल्म प्रोड्यूसर ताहिर हुसैन के बेटे हैं लेकिन इसके बावजूद भी वो गरीबी का दौर देख चुके हैं. आमिर बताते हैं कि वो और उनके भाई-बहन हमेशा फीस जमा करने में लेट हो जाते थे. वहीं, इज्जत करने के लिए एक-दो वर्निंग के बाद प्रिंसिपल उनका नाम असेंबली में सारे स्कूल के बच्चों के सामने अनाउंस करते थे.

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बता दें कि आमिर खान उन एक्टर्स में से हैं जिन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में एंट्री ली थी. वो 1973 में फिल्म 'यादों की बारात' में पहली बार नजर आए थे. इसके बाद उन्होंने 1988 में फिल्म 'कयामत से कयामत' तक में जूही चावला के साथ बॉलीवुड डेब्यू किया था. उनकी पहली ही फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. धीरे-धीरे अपनी फिल्मों के चुनाव की वजह से वो बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने लगे थे.

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