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बचपन से पढ़ाई में रहीं अव्वल, 23 की उम्र में क्रैक की UPSC, जानें IFS तमाली साहा की प्रेरणादायक कहानी

मात्र 23 साल की उम्र में तमाली साहा ने अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी की आईएफएस परीक्षा पास कर ली और पूरे भारत में सिविल सेवक बनने का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक आदर्श बन गईं. जानें उनकी सक्सेस स्टोरी

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बचपन से पढ़ाई में रहीं अव्वल, 23 की उम्र में क्रैक की UPSC, जानें IFS तमाली साहा की प्रेरणादायक कहानी

IFS Tamali Saha

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कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं होती, एक सिक्का तो तबीयत से उछालों यारों! कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर किसी भी उम्र में खास उपलब्धि हासिल की जा सकती है. यह बात पश्चिम बंगाल की भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी तमाली साहा की प्रेरणादायक यात्रा से साबित होती है. मात्र 23 साल की उम्र में उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी की आईएफएस परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली और पूरे भारत में सिविल सेवा अधिकारी बनने का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक आदर्श बन गईं.

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जूलॉजी से किया है ग्रेजुएशन
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना से ताल्लुक रखने वाली तमाली ने स्थानीय स्कूल से ही अपनी स्कूलिंग की है. बचपन से ही तमाली पढ़ाई में अव्वल रही हैं. स्कूलिंग  खतम होने के बाद उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी में जूलॉजी सब्जेक्ट के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया. कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी.  उनकी यूपीएससी की तैयारी का सफर इतना भी आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अपनी मंजिल की ओर बढ़ना शुरू किया और पूरी लगन के साथ तैयारी में जुटी रहीं.

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यूपीएससी में हासिल की 94वीं रैंक
साल 2020 में उन्हें उनकी मेहनत का फल मिला और उन्होंने यूपीएससी की भारतीय वन सेवा परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल की. इसके बाद आईएफएस अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति हुई और उन्हें अपने गृह राज्य में सेवा करने का मौका मिला. तमाली के मुताबिक यूपीएससी में सफलता हासिल करने के लिए सबसे जरूरी है सही स्ट्रैटजी और टाइम मैनेजमेंट. अपने तैयारी के समय वह पूरी तरह से समाज से कट गई थीं और सिर्फ पढ़ाई पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया.

तमाली की सफलता न केवल उसके परिवार और समुदाय के लिए गर्व की बात है बल्कि इस विचार का भी प्रमाण है कि उम्र और परिस्थितियां किसी के करियर पथ को निर्धारित नहीं करती हैं. इसके बजाय इंसान की मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति ही उसकी आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदल सकती है. 

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