एजुकेशन
आज हम आपको ऐसे परिवार से मिलवाएंगे जो उपलब्धियों से भरा हुआ है और जिसमें 9 सिविल सेवक हैं. इनमें 3 आईएएस, 1 आईपीएस और 5 राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के अधिकारी हैं. यह परिवार आज देश के लाखों युवाओं का प्रेरणास्रोत है.
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है. हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं लेकिन मुट्ठी भर लोग ही इसे पास करके सिविल सेवक बन पाते हैं. लेकिन आज हम आपको ऐसे परिवार से मिलवाएंगे जो उपलब्धियों से भरा हुआ है और जिसमें 9 सिविल सेवक हैं. इनमें 3 आईएएस, 1 आईपीएस और 5 राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के अधिकारी हैं. यह परिवार आज देश के लाखों युवाओं का प्रेरणास्रोत है.
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यह परिवार राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवान गांव से ताल्लुक रखने वालीं फराह हुसैन का है. फराह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई झुंझुनू से की है और बाद में हायर स्टडीज के लिए वह मुंबई चली गईं. यहां उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की. बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली इस लड़की के लक्ष्य समय के साथ बदल गए और वह एक क्रिमिनल लॉयर बन गईं. हालांकि उनके मन में यूपीएससी क्रैक करके सिविल सेवा में जाने की इच्छा थी और इसलिए उन्होंने वकालत के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी. पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली लेकिन अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 26 साल की उम्र में सीएसई क्रैक की. उन्हें यूपीएससी में 267वीं रैंक हासिल हुई.
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फराह हुसैन के पिता अशफाक हुसैन ने हमेशा अपनी बेटियों को उनके सपने पूरा करने के लिए सपोर्ट किया. वह खुद जिला कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे और साल 2010 में उनकी आईएएस के रूप में पदोन्नति हुई. फराह हुसैन के चाचा लियाकत खान भी एक सीनियर आईपीएस अधिकारी थे जो आईजी के पद से रिटायर हुए और साथ ही वह वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे. उनके दूसरे चाचा जाकिर खान भी एक आईएएस अफसर हैं.
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अधिकारियों की यह लिस्ट इसी पीढ़ी में ही खत्म नहीं होती बल्कि फराह की बड़ी बहन राजस्थान हाई कोर्ट में वकील हैं. उनके चचेरे भाई और ससुराल के सदस्य भी राजस्थान सिविल सेवा से लेकर भारतीय सेना तक में बड़े पदों पर पोस्टेड हैं.फराह के पति कमर उल जमान चौधरी जम्मू-कश्मीर से एक आईएएस अधिकारी हैं जो फिलहाल जोधपुर में पोस्टेड हैं. वहीं फराह के कजिन शाहीन खान एक वरिष्ठ आरएएस अफसर हैं और उनकी पत्नी मोनिका वर्तमान में जयपुर में डीआईजी(जेल) के पद पर पोस्टेड हैं.
आईएएस फराह हुसैन के फैमिली ने मुस्लिम परिवार के प्रति समाज की रूढ़ियों को तोड़ा और हमेशा अपने परिवार के सदस्यों को कुछ बड़ा करने के लिए प्रोत्साहित किया. आज यह मुस्लिम परिवार समाज के लिए रोल मॉडल बन गया है.
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