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JEE एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स अक्सर करते हैं ये 10 गलतियां, इनसे पार पा लिया तो सिलेक्शन पक्का

आज हम आपको उन 10 गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अक्सर जेईई उम्मीदवार करते हैं और उनसे बचने के कारगार सुझाव भी हम आपको देंगे...

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JEE एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स अक्सर करते हैं ये 10 गलतियां, इनसे पार पा लिया तो सिलेक्शन पक्का

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जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं और ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं जिन्हें टालकर आसानी से उन्हें मनचाही रैंक हासिल हो सकती थी. आज हम आपको उन 10 गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अक्सर जेईई उम्मीदवार करते हैं और उनसे बचने के कारगार सुझाव भी हम आपको देंगे. अपनी तैयारी की रणनीति को बेहतर बनाने और परीक्षा में सफल होने के लिए आपको इन जरूरी बातों पर ध्यान देना होगा. 

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1. NCERT की किताबों की अनदेखी करना
गलती: कई स्टूडेंट NCERT की किताबों की अनदेखी करते हैं और केवल एडवांस लेवल के मैटेरियल से ही पढ़ाई करने में लगे रह जाते हैं. 
समाधान: NCERT की  पाठ्यपुस्तकों से अपनी तैयारी शुरू करें क्योंकि वे एक मजबूत आधार बनाते हैं और JEE परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाने वाले प्रमुख कॉन्सेप्ट्स को कवर करते हैं.

2. स्टडी प्लान के साथ पढ़ाई नहीं करना
गलती: बिना किसी टाइम टेबल के पढ़ाई करना आपकी तैयारी की प्रगति में बाधा बन सकता है.
समाधान: ऐसा स्टडी प्लान बनाएं तो संतुलित और फॉलो किया जा सके. हर सब्जेक्ट के लिए समय बांटें और कमजोर फील्ड्स पर ध्यान दें और मजबूत टॉपिक्स को और पॉलिश करते हैं.

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3. मॉक टेस्ट और पिछले साल के पेपर्स की अनदेखी करना
गलती: छात्र अक्सर मॉक टेस्ट छोड़ देते हैं या केवल कुछ ही साल के पेपर्स सॉल्व करते हैं.
समाधान: जितना संभव हो उतने मॉक टेस्ट और पिछले साल के पेपर्स का अभ्यास करें. वे आपको परीक्षा पैटर्न से परिचित कराते हैं, समय प्रबंधन में सुधार करते हैं और कमजोर विषयों की पहचान कराते हैं.

4. बहुत सारे संसाधनों की ओवरलोडिंग
गलती: बहुत सारी किताबों का संदर्भ लेने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और विषयों पर पूरी तरह से पकड़ नहीं बन पाती.
समाधान: प्रत्येक विषय के लिए कुछ विश्वसनीय संसाधनों का ही इस्तेमाल करें. NCERT की किताबों और विश्वसनीय संदर्भ पुस्तकों जैसे भौतिकी के लिए HC वर्मा, गणित के लिए RD शर्मा और रसायन विज्ञान के लिए OP टंडन के साथ पढ़ाई करें.

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5. डाउट्स को क्लियर नहीं करना
गलती: उम्मीदवार अक्सर अपने डाउट्स को हल करने में देरी करते हैं जिससे बाद में उन्हें दिक्कत हो जाती है.
समाधान: शिक्षकों, साथियों या ऑनलाइन फ़ोरम से सलाह लेकर तुरंत अपने संदेहों का समाधान करें. NPTEL, Vedantu और BYJU's जैसे प्लेटफ़ॉर्म बेहतरीन समाधान प्रदान करते हैं।

6. रिवीजन नहीं करना
गलती: छात्र अक्सर नए विषयों पर तो ध्यान देते हैं लेकिन पहले से पढ़े हुए टॉपिक्स को रिवाइज नहीं करते.
समाधान: रिवीजन के लिए दैनिक या साप्ताहिक स्लॉट बनाएं. अहम सूत्रों और टॉपिक्स को जल्दी से समझने के लिए फ्लैशकार्ड या माइंड मैप का उपयोग करें.

7. परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट 
गलती: एक ही प्रश्न पर बहुत अधिक समय खर्च करने से घबराहट हो सकती है.
समाधान: मॉक टेस्ट के दौरान समय प्रबंधन का अभ्यास करें. पहले आसान प्रश्नों को प्राथमिकता दें और बाद में कठिन प्रश्नों को हल करें.

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8. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं
गलती: पढ़ाई के शेड्यूल के साथ खुद पर बहुत ज़्यादा बोझ डालना और नींद, व्यायाम और खान-पान की अनदेखी करना.
समाधान: छोटे-छोटे ब्रेक लें, 6-8 घंटे की नींद लें और संतुलित आहार लें. तनाव कम करने के लिए अपनी दिनचर्या में हल्का व्यायाम या ध्यान शामिल करें.

9. ऐसा लक्ष्य बनाना जो पूरा न हो सके
गलती: बड़े और पूरा न हो सकने वाले लक्ष्य निर्धारित करना आपको हतोत्साहित कर सकता है.
समाधान: अपनी तैयारी को छोटेऔर हासिल कर सकने योग्य लक्ष्यों में विभाजित बाटें. प्रेरणा बनाए रखने के लिए छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाना न भूलें.

10. कोचिंग पर पूरी तरह से निर्भर रहना
गलती: बिना सेल्फ स्टडी के कोचिंग संस्थानों पर पूरी तरह से निर्भर रहना आपकी क्षमता को सीमित कर सकता है.
समाधान: कोचिंग को एक मार्गदर्शक के रूप में उपयोग करें लेकिन कॉन्सेप्ट्स को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने के लिए सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दें.

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