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यह कहानी उस आईपीएस अधिकारी की है जिन्होंने सफल क्रिकेटर होने के बावजूद यूपीएससी की तैयारी के लिए अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया. पढ़ें कार्तिक मधिरा की सक्सेस स्टोरी...
अपने अच्छे-भले करियर को छोड़कर अपने सपनों को पूरा करने का फैसला लेने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है. लगातार निराशा मिलने के बाद दृढ़ निश्चय ही ऐसी चीज होती है कि फिर कोई भी उस शख्स को अपनी मंजिल पाने से रोक नहीं सकता. ऐसी ही एक कहानी इस आईपीएस अधिकारी की भी है जिन्होंने सफल क्रिकेटर होने के बावजूद यूपीएससी की तैयारी के लिए अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया.
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महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी कार्तिक मधिरा ने सिविल सेवा की वजह से क्रिकेट छोड़ दिया. मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले मधिरा ने अंडर 13, 15, 17, 19 और यूनिवर्सिटी लेवल पर खूब क्रिकेट खेला. लेकिन उनका दिल सिर्फ यूपीएससी के लिए धड़कता था और वह एक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करना चाहते थे.
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कार्तिक मधिरा ने जवाहरलाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी (JNTU) से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्तिक का क्रिकेटर से IPS अधिकारी बनने का फैसला चोट और कुछ निजी कारणों की वजह से हुआ. उन्होंने 6 महीने तक डेलॉइट में भी काम किया. वहां उन्हें एहसास हुआ कि उनका दिल सिर्फ सिविल सर्विसेज के लिए धड़कता है.
कार्तिक को यूपीएससी के पहले तीन प्रयासों में लगातार असफलता का सामना करना पड़ा. वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी. जनरल स्टडीज की पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट समाजशास्त्र को और बेहतर करते रहे.
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उन्होंने यूपीएससी के अलग-अलग राउंड की तैयारी करने के बजाय एक बार में पूरी परीक्षा की तैयारी पर फोकस किया. कार्तिक की यह रणनीति काम आई. आखिरकार उन्होंने अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी 2019 पास करने में सफलता हासिल की. इस बार उन्होंने 103वीं रैंक हासिल की और आईपीएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा में जुटे हुए हैं.
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