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प्रेमानंद जी महाराज के वो शिष्य जो कभी थे आर्मी ऑफिसर, अब राधा रानी की भक्ति में रहते हैं लीन

मिलिए प्रेमानंद जी महाराज के उस समर्पित शिष्य से जो कभी थे आर्मी ऑफिसर, जानें कैसे चुना अध्यात्म का रास्ता

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प्रेमानंद जी महाराज के वो शिष्य जो कभी थे आर्मी ऑफिसर, अब राधा रानी की भक्ति में रहते हैं लीन

Naval Nagri Baba

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वृंदावन के प्रेमानंद महाराज एक पूजनीय संत हैं जिनकी शिक्षाओं ने कई लोगों को भक्ति और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है. उनके समर्पित शिष्यों में से एक बाबा नवल नागरी भी हैं. बाबा नवल नागरी आर्मी ऑफिसर रह चुके हैं लेकिन आध्यात्मिक राह चुनने के लिए अपने आर्मी करियर को छोड़ दिया. अपने गुरु के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए जाने जाने वाले बाबा नवल नागरी साए की तरह प्रेमानंद महाराज के साथ ही रहते हैं और राधा केलीकुंज आश्रम की व्यवस्था संभालते हैं.

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पंजाब से ताल्लुक रखते हैं बाबा नवल नागरी
मूल रूप से पंजाब के पठानकोट के रहने वाले नवल नागरी का असली नाम अभी भी रहस्य बना हुआ है. उनके पिता सेना में सेवारत थे और उनके नक्शेकदम पर चलते हुए नवल नागरी भी सेना में शामिल हो गए. 2008 से 2017 तक उन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दीं. करियर के आखिरी साल में वह कारगिल में पोस्टेड थे. 

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कारगिल में पोस्टेड थे बाबा
2016 में सेवा में रहते हुए बाबा नवल नागरी ने वृंदावन का दौरा किया और प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों में शामिल हुए. प्रेमानंद जी महाराज की आध्यात्मिक शिक्षाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और वापस जाने की उनकी इच्छा ही खत्म हो गई. उन्होंने महाराज के शब्दों में शांति और अपने जीवन का उद्देश्य पाया. इस अनुभव ने उन्हें जीवन बदलने वाला फैसला लेने के लिए प्रेरित किया. 2017 में उन्होंने अपनी सेना की नौकरी छोड़ दी और संतत्व के मार्ग पर आगे बढ़ निकले. उन्होंने खुद को पूरी तरह से अपने गुरु और आध्यात्मिक जीवन के लिए समर्पित कर दिया.

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उनके परिवार ने उन्हें वापस लौटने के लिए काफी अनुरोध किया लेकिन बाबा नवल नागरी अपने फैसले पर अडिग रहे. आज वे प्रेमानंद जी महाराज के सबसे समर्पित शिष्यों में से एक हैं औरआध्यात्मिक समुदाय में योगदान दे रहे हैं. उनका सैन्य सेवा से आध्यात्मिकता और भक्ति के जीवन की यात्रा दूसरों को  भी प्रेरित कर रही है.

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