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मिलिए उस महिला IAS से जो 5 बार UPSC में हुईं फेल, आखिरी अटेम्प्ट में बाजी मार लाईं इतनी रैंक

UPSC की तैयारी में कुछ उदाहरण ऐसे भी हैं जो हमें सफलता हासिल करने तक हार ना मानने की प्रेरणा देते हैं और आशा और दृढ़ता को दर्शाकर आखिरकार विजय की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं...

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मिलिए उस महिला IAS से जो 5 बार UPSC में हुईं फेल, आखिरी अटेम्प्ट में बाजी मार लाईं इतनी रैंक

IAS Priyanka Goel

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IAS, IPS और IRS अधिकारी बनने के इच्छुक लाखों स्टूडेंट्स के लिए यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा एक अहम मील का पत्थर है. हालांकि साल दर साल यहां पदों की संख्या लगातार कम होती जा रही है जो इस परीक्षा को और ज्यादा कॉम्पिटेटिव बनाता है. लेकिन यहां कुछ उदाहरण ऐसे भी हैं जो हमें सफलता हासिल करने तक हार ना मानने की प्रेरणा देते हैं और आशा और दृढ़ता को दर्शाकर आखिरकार विजय की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. ऐसी ही एक खास कहानी आईएएस प्रियंका गोयल की भी है.

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कॉमर्स बैकग्राउंड से आती हैं प्रियंका
आईएएस प्रियंका गोयल की सफलता की कहानी चुनौतियों का सामना करने वालों के लिए उम्मीद का एक आदर्श उदाहरण है. यह कहानी साबित करती है कि कड़ी मेहनत हमेशा सफलता की ओर ले जाती है. दिल्ली से आने वाली प्रियंका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के केशव महाविद्यालय से बी.कॉम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन के समय से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी और अपने 6वें और अंतिम प्रयास में अपने सिर पर सफलता का सेहरा भी बांध लिया.

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यूपीएससी की तैयारी में आड़े आईं दिक्कतें
बिजनेसमैन पिता और गृहिणी मां के घर जन्मीं प्रियंका ने 2016 में सिविल सेवा परीक्षा की यात्रा शुरू की लेकिन इस दौरान उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा. 2017 में उनका पहला प्रयास कम तैयारी की वजह से असफल रह गया. जबकि 2018 में उनका दूसरा प्रयास केवल 0.7 अंकों से चूक गया जिससे उन्हें काफी गहरा झटका लगा. उन्होंने फिर से तैयारी की और तीसरे प्रयास में प्रीलिम्स तो पास कर लिया लेकिन उनकी मेन्स की तैयारी खास नहीं होने की वजह से इसे पास नहीं कर पाईं.

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छठे प्रयास में हो गई थी करो या मरो वाली स्थिति
चौथे प्रयास में उन्होंने सामान्य अध्ययन में तो बढ़िया प्रदर्शन किया लेकिन CSAT में असफल रहीं जिससे उन्हें खुद पर ही संदेह होने लगा. पांचवें प्रयास के दौरान उनके निजी जीवन में काफी उथल-पुथल रहा जिसमें उनकी मां की गंभीर बीमारी भी शामिल थी. इससे उनकी तैयारी में काफी परेशानियां आईं और एक और असफलता का कारण बनी. इससे विचलित हुए बिना वह अपने छठे प्रयास में करो या मरो की मानसिकता से तैयारी में आगे बढ़ीं. इस प्रयास में उनका दृढ़ संकल्प तो था ही एक सामाजिक दबाव भी उनपर हावी था. 

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यूपीएससी में हासिल की 369वीं रैंक
हालांकि यह प्रयास उनके लिए सफलता लेकर आया और उन्होंने CSE 2022 में AIR 369 हासिल किया. अटूट संकल्प और लगातार प्रयास के माध्यम से उन्होंने यूपीएससी क्रैक की और DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, और दादरा और नगर हवेली) कैडर में प्रतिष्ठित पद हासिल किया. आज वह अपने प्रोफेशनल लाइफ में तो सफल हैं ही साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रियता हासिल है. इंस्टाग्राम पर उन्हें काफी लोग फॉलो करते हैं.

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