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विराट कोहली से इंस्पायर होकर तीसरी रैंक के साथ क्रैक की UPSC, जानें IAS अनन्या रेड्डी की सफलता की कहानी

डोनुरु अनन्या रेड्डी ने यूपीएससी की परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करके साबित कर दिया समर्पण, स्मार्ट वर्क और दृढ़ता के दम पर आप कठिन से कठिन एग्जाम में सफल हो सकते हैं. जानें कैसे विराट कोहली बने उनकी सफलता की वजह...

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विराट कोहली से इंस्पायर होकर तीसरी रैंक के साथ क्रैक की UPSC, जानें IAS अनन्या रेड्डी की सफलता की कहानी

Donuru Ananya Reddy

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए समर्पण, स्मार्ट वर्क और दृढ़ता की आवश्यकता होती है. तेलंगाना के महबूबनगर से ताल्लुक रखने वाली डोनुरु अनन्या रेड्डी ने 2023 की यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करके यह साबित कर दिया है. खास बात यह है कि उन्होंने दो साल की कड़ी तैयारी के बाद अपने पहले ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली.

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मिरांडा हाउस की स्टूडेंट रही हैं अनन्या
दिल्ली के मिरांडा हाउस की पूर्व स्टूडेंट अनन्या ने जियोग्राफी और इकोनॉमी के साथ ग्रेजुएशन की है. यूपीएससी की तैयारी के लिए वह दिल्ली चली गईं और किराए के मकान में रहकर तैयारी करने लगीं. उन्होंने एंथ्रोपॉलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना और इसके लिए कोचिंग ली बाकी सामान्य अध्ययन के लिए उन्होंने खुद ही तैयारी की. वह रोजाना 12 से 14 घंटे तक पढ़ाई करती रहीं.

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विराट कोहली ने कैसे की मदद
परीक्षा की तैयारी के दौरान अनन्या ने यह सुनिश्चित किया कि उनके पास तनाव दूर करने के तरीके हों. क्रिकेट देखना और उपन्यास पढ़ना उन्हें तनाव से निपटने में मदद करता है. क्रिकेट को खासतौर पर वह विराट कोहली के अनुशासन और समर्पण के लिए देखती हैं. एक इंटरव्यू में अनन्या ने बताया- 'वह मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं. उनका कभी हार न मानने वाला रवैया और काम करने की नैतिकता मुझे सबसे अधिक प्रेरित करती है.'

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किसे दिया सफलता का श्रेय
अनन्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और दोस्तों को दिया जिन्होंने यूपीएससी की उनकी पूरी यात्रा में उनका साथ दिया. अपने भविष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'यह एक बड़ी जिम्मेदारी है. चाहे मैं कहीं भी पोस्टेड रहूं, मेरा लक्ष्य हमेशा लोगों की सेवा करना और प्रशासन को और अधिक सुलभ बनाना होगा.'

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उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने कोई सख्त शेड्यूल फॉलो नहीं किया लेकिन जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती गई, उन्होंने धीरे-धीरे अपने पढ़ाई के घंटे को बढ़ा दिया. उन्होंने एग्जाम पैटर्न और सही संसाधनों पर फोकस करने पर जोर दिया. फिलहाल अनन्या अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रही हैं और उसी दृढ़ संकल्प के साथ सिविल सेवाओं में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं जिसने उन्हें भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता दिलाई थी.

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