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IPS अमित लोढ़ा सफलता की कहानी आज देश में यूपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए काफी प्रेरणादायी है. जानें कैसे आईआईटी दिल्ली के डिप्रेशन वाले माहौल से निकलकर उन्होंने क्रैक किया सिविल सर्विसेज एग्जाम
IPS अमित लोढ़ा को बिहार की नीतीश सरकार ने प्रमोट करके अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बना दिया है. इससे पहले बिहार के तेजतर्रार आईपीएस लोढ़ा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो में पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) के पद पर तैनात थे. IPS अमित लोढ़ा वही पुलिस अधिकारी हैं जिनपर 'खाकी: द बिहार चैप्टर' नाम की वेब सीरीज भी बन चुकी है.
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बिहार के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा देश के सबसे लोकप्रिय पुलिस अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें लोग सुपर कॉप भी कहते हैं. बिहार के सबसे खूंखार अपराधियों में से एक चंदन महतो यानी 'शेखपुरा के गब्बर सिंह' के साथ उनके संघर्ष की कहानी को 'खाकी: द बिहार चैप्टर' में दिखाया गया है. अमित लोढ़ा आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट हैं जिन्होंने पहले प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की. उनकी स्कूलिंग सेंट जेवियर्स स्कूल जयपुर से हुई है.
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आईआईटी देश के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट में से एक है लेकिन अमित लोढ़ा के लिए यहां का एक्सपीरियंस अच्छा नहीं रहा. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि आईआईटी दिल्ली में रहना उनके लिए जिंदगी का सबसे भयानक अनुभव रहा. अपने पहले प्रयास में आईआईटी का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बावजूद आईआईटी में जाकर वह हीन भावना से ग्रसित हो गए थे. उन्होंने बताया था कि यहां वो डिप्रेशन में चले गए थे और यहां तक की उनके मन में खुद को खत्म करने के विचार भी आने लगे थे. यहां उनके ग्रेड खराब होने लगे और उनके सहपाठियों ने भी उनसे दूरी बना ली.
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लेकिन यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद अमित की जिंदगी बदल गई. इससे उन्हें अपना आत्मविश्वास वापस पाने में मदद मिली. अमित लोढ़ा को आईआईटी में जिस मैथ्स सब्जेक्ट में ई ग्रेड मिलते थे, यूपीएससी में वह इसी सब्जेक्ट के टॉपर बने. उनके नाना भी एक आईएएस अधिकारी थे जिससे वर्दी के प्रति बचपन से ही उनमें दिलचस्पी रही. बिहार में तैनाती से पहले अमित राजस्थान में पोस्टेड थे. जनता के प्रति उनके व्यवहार ने उन्हें लोकप्रिय बनाया. ऐसा कहा जाता है कि वह हमेशा लोगों से कहते थे कि कोई भी दिक्कत होने पर वे सीधे उनके लैंडलाइन पर कॉल कर सकते हैं.
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