Advertisement

बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपर रंजन वर्मा के जुड़वां भाई को मिले कितने मार्क्स? मां ने बताया कहां हुई चूक

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपर रंजन कुमार का एक जुड़वां भाई भी है जो अपने भाई की तरह ही बेहद मेधावी है. जानें इसे मिले कितने मार्क्स...

Latest News
बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपर रंजन वर्मा के जुड़वां भाई को मिले कितने मार्क्स? मां ने बताया कहां हुई चूक

Ranjan Verma Bihar Board Topper

Add DNA as a Preferred Source

जहां चाह है वहां राह है. अगर कोई अपने लक्ष्य पर दृढ़ निश्चयी हो तो गरीबी कभी बाधा नहीं बन सकती. यह बिहार बोर्ड हाईस्कूल के तीन टॉपर्स में से एक रंजन वर्मा ने साबित कर दिखाया है. बिहार बोर्ड मैट्रिक के नतीजे 29 मार्च को जारी किए जा चुके हैं. रंजन 489 मार्क्स लाकर अंशु और साक्षी कुमारी के साथ टॉपर बने हैं. हालांकि आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि रंजन कुमार का एक जुड़वां भाई भी है जो अपने भाई की तरह ही बेहद मेधावी है. 

यह भी पढ़ें- कौन हैं बिहार की हाईस्कूल बोर्ड की टॉपर बेटियां अंशु और साक्षी कुमारी? जानें टॉप 10 स्टूडेंट्स को इनाम में क्या मिलेगा

महज 12 नंबरों से बोर्ड टॉप करने से चूका भाई

रंजन के जुड़वां भाई का नाम रंजीत है और उसने भी बिहार बोर्ड में शानदार प्रदर्शन किया है और महज 12 नंबरों से बोर्ड का टॉपर बनने से चूक गया. रंजीत को 477 अंक मिले हैं और वह भोजपुर जिले से सातवें टॉपर हैं. दोनों ही भाई अगिआंव बाजार हाई स्कूल के छात्र हैं. रंजन ने मीडिया को बताया कि वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते हैं लेकिन जब उन्हें कोई कॉन्सेप्ट समझ नहीं आया तो वह कई घंटे पढ़ाई करते रहते हैं. 

यह भी पढ़ें- BSEB 10th Result 2025: साक्षी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 10वीं में किया टॉप, जानें कैसा है इनके संघर्ष का सफर

लिखावट की वजह से मिले कम मार्क्स

रंजन ने बताया कि वह रोजाना साइकिल से 12 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं. सुबह वह अपने गांव पितरो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करके अगियांव बाजार में कोचिंग क्लास के लिए जाते हैं और फिर वापस घर आकर फिर स्कूल जाते हैं. रंजन और रंजीत की मां शीला देवी ने कहा कि उनके दोनों बेटे मेधावी हैं. उन्होंने बताया कि रंजन की तुलना में रंजीत की लिखावट थोड़ी खराब है इसलिए उसे 12 नंबर कम मिले होंगे. 

यह भी पढ़ें- कौन हैं प्रिया जायसवाल जिन्होंने Bihar Board से किया टॉप? मार्कशीट में नंबर देखकर रह जाएंगे हैरान

सालों पहले छूटा पिता का हाथ

दोनों बच्चों के पिता शिव शंकर सिंह की कुछ साल पहले ब्रेन हेमरेज के कारण मृत्यु हो गई थी लेकिन इस दुखद घटना ने दोनों भाइयों को उनके लक्ष्य से विचलित नहीं किया और वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते रहे. रंजन ने कहा कि उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन उसकी मां और चाचा ने लगातार उसका साथ दिया. वह समाज की सेवा के लिए आईएएस बनना चाहता है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement