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कपूर कैसे बनता है? इसे जलाने के बाद आखिर क्यों नहीं बचती राख, जानें इसके पीछे की साइंस

How Is Camphor Made: कपूर का उपयोग ज्यादातर पूजा-पाठ में किया जाता है. यह आयुर्वेदिक औषधियों में भी खूब इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसकी सुगंध वातावरण को शुद्ध कर मन को भी शांत करने का काम करता है, पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि आखिर इसे जलाने के बाद राख क्यों नहीं बचती? आइए हम आपको बताते हैं.

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कपूर कैसे बनता है? इसे जलाने के बाद आखिर क्यों नहीं बचती राख, जानें इसके पीछे की साइंस
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How Is Camphor Made: कपूर का इस्तेमाल पूजा-पाठ से लेकर आयुर्वेदिक औषिधियों में भी किया जाता है. कहते हैं दीपक में कपूर जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और घरों से नकारात्मकता दूर होती है. कपूर को जलाने के बाद आपने भी देखा होगा कि यह पूरी से जलने के बाद राख नहीं छोड़ता है, जबकि हम अगर कुछ और वस्तु जलाते हैं, तो उससे राख का निर्माण जरूर होता है. ऐसे में, कपूर को लेकर मन में यह सवाल आता है कि आखिर यह बनता कैसे है और क्यों कपूर जलने के बाद राख नहीं बनाता है. तो चलिए हम आपको इसके पीछे की साइंस के बारे में बताते हैं.

कपूर कैसे बनता है? (How Is Camphor Made)

कपूर मुख्य रूप से पेड़ की छाल से बनाया जाता है. इसके लिए सबसे पहले पेड़ के लकड़ी को लिया जाता है. इस पेड़ की छाल को काटकल इसे अच्छी तरह से सुखाया जाता है और इसका पाउडर बनाया जाता है. इसके बाद, इन्हें काटकर अच्छे तरीके से धो लिया जाता है, ताकि यह मुलायम हो जाए. ऐसा करने के बाद, इन छिलकों को अलग करके बची हुई लकड़ियों को मशीन की सहायता से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया जाता है. इसके बाद, इन टुकड़ों को एक कंटेनर में डालकर गर्म किया जाता है. इस दौरान एक पाइप लगी होती है, जो धुएं को फेंकता है. इसतरह टुकड़े से सारा लिक्विड बाहर निकल जाता है.इसे पाउडर बनाया जाता है. इसके बाद, पाउडर को मशीन में डालकर उसको आकार दिया जाता है। फिर, इसे पैकेट में भरकर मार्केट में बेच दिया जाता है. 

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कपूर जलाने के बाद राख क्यों नहीं बचती है?

कपूर जलाने के बाद राख न बचने के पीछे साइंटिफिक कारण है. यह दरअसल, अपने रासायनिक गुणों और संरचना की वजह से होता है. कपूर एक सब्लिमेटेड पदार्थ है, जो ठोस से सीधे गैस में बदल जाता है. इस दौरान यह बीच में द्रव रूप नहीं लेता है। यही वजह है कि जब कपूर को जलाया जाता है, तो इसकी पूरी मात्रा वाष्पित होकर वातावरण में फैल जाती है. इसी वजह से कपूर जलने के बाद कोई अवशेष या राख नहीं बचता है.

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