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SSC CGL 2024 के टॉपर शुभम अग्रवाल कैसे पहले ही प्रयास में लाए पहली रैंक? खुद उनसे जानें सीक्रेट स्ट्रैटजी

एसएससी सीजीएल टॉपर शुभम अग्रवाल आज अपनी सफलता से लाखों युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं. जानें कैसे वह अपने पहले ही प्रयास में एसएससी कंबाइंड ग्रेजुएट एग्जाम में लाए थे पहली रैंक...

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SSC CGL 2024 के टॉपर शुभम अग्रवाल कैसे पहले ही प्रयास में लाए पहली रैंक? खुद उनसे जानें सीक्रेट स्ट्रैटजी

Shubham Aggarwal SSC CGL

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ऐसे देश में जहां लाखों उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, वहां SSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जाम में टॉप करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. एसएससी सीजीएल टॉपर शुभम अग्रवाल आज अपनी सफलता से लाखों युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के एक छोटे से शहर अंबिकापुर से आने वाले शुभम बचपन से ही मेधावी रहे हैं. उन्होंने अपनी स्कूलिंग हिंदी माध्यम से की और बाद में एनआईटी रायपुर से ग्रेजुएशन किया. 

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UPSC-PCS में कई बार रहे असफल

अपने मजबूत शैक्षणिक नींव के बावजूद उन्हें आसानी से सफलता नहीं मिली. एसएससी सीजीएल से पहले उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा और राज्यों की पीसीएस परीक्षाओं के लिए भी प्रयास किया था लेकिन वे प्रयास निराशा के साथ खत्म हो गए. शुभम ने खुलकर बताया, 'मुझे कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा. फिर एक दोस्त ने मुझे एसएससी सीजीएल की कोशिश करने का सुझाव दिया. ईमानदारी से कहूं तो यह प्रेरणा नहीं थी बल्कि यह एक वैकल्पिक रास्ता था जिसे मैंने अभी तक नहीं खोजा था.'

इस फैसले के साथ शुभम ने मई 2024 से अपनी तैयारी शुरू कर दी. हालांकि वह पहले से बने बनाए 12 घंटे पढ़ाई के चक्कर में नहीं पड़े बल्कि उन्होंने खास स्ट्रैटजी से कम समय में अपनी तैयारी की. वह 3-4 घंटे जनरल अवेयरनेस और बाकी का समय गणित और रीजनिंग की प्रैक्टिस में देने लगे. इंग्लिश को उन्होंने मॉक टेस्ट और उनके एनालिसिस के माध्यम से कवर किया.

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क्या थी शुभम की खास स्ट्रैटजी

सात साल से वह मैथ्स के टीचर रहे हैं और इस चीज ने उनकी काफी मदद की लेकिन उन्होंने अपनी काबिलियत को खुद पर हावी नहीं होने दिया और अपनी रणनीति को बेहतर बनाने के लिए NCERT की किताबों, किरण प्रकाशन के पिछले साल के पेपर और ओलिवबोर्ड प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस पर भरोसा किया. मॉक टेस्ट उनकी तैयारी का आधार बन गए. इससे उन्हें अपनी कमजोरी को पहचानने और एग्जाम का नेचर समझने में मदद मिली. 

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एग्जाम वाले दिन भी शुभम ने अपनी स्ट्रैटजी सामान्य रखी. उन्होंने सबसे पहले आसान से मध्यम कठिनाई वाले सवालों को सॉल्व करने की योजना बनाई थी. लेकिन उन्होंने एक बार में ही 60 सवालों को हल कर लिया और फिर भी उनके पास 3 मिनट बचे थे. उन्होंने कंप्यूटर सेक्शन को बाकियों से ज्यादा कठिन पाया. हालांकि शुभम ने धैर्य बनाए रखा. उनके करियर बैकअप एजुकेशन इंस्टीट्यूट के बारे में सोचकर वह दबाव से बचे रहे और जब रिजल्ट आया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा क्योंकि उन्होंने सभी को पीछे छोड़ते हुए एसएससी सीजीएल में पहली रैंक हासिल कर ली थी.

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उम्मीदवारों को शुभम की सलाह

भविष्य के उम्मीदवारों को शुभम सलाह देते हैं कि शॉर्टकट से बचें. सफलता लंबी और थकाऊ होती है लेकिन जब प्रयास से अर्जित की जाती है तो यह सबसे मीठी होती है. वह मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर देते हैं और उनका कहना है कि युवाओं को अखबार पढ़ने और योग या ध्यान का अभ्यास करने जैसी आदतें भी खुद में जरूर विकसित करनी चाहिए.

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