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दादा चाहते थे पोती बने डॉक्टर, 8 घंटे पढ़ाई कर विजयलक्ष्मी ने NEET में किया टॉप, जानें सक्सेस स्टोरी

यह कहानी है झारखंड की विजयलक्ष्मी की जो नीट 2021 में 720 में से 700 नंबर लाकर झारखंड की टॉपर बनीं और आज अपने दादाजी का सपना पूरा कर रही हैं. जानें सफलता की कहानी...

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दादा चाहते थे पोती बने डॉक्टर, 8 घंटे पढ़ाई कर विजयलक्ष्मी ने NEET में किया टॉप, जानें सक्सेस स्टोरी

Vijayalakshmi NEET Jharkhand Topper

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आज हम आपको ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने अपने दादाजी का सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की. उसने न सिर्फ नीट जैसा कठिन एग्जाम पास किया बल्कि स्टेट लेवल पर टॉपर भी बनीं. यह कहानी है झारखंड की विजयलक्ष्मी की जिन्होंने नीट 2021 में 720 में से 700 नंबर लाकर यह मुकाम हासिल किया. उन्हें ऑल ओवर इंडिया 197वीं रैंक मिली और आज वह अपने और अपने परिवार के डॉक्टर बनने के सपने की पढ़ाई कर रही हैं.

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कहां से हुई है पढ़ाई-लिखाई

विजयलक्ष्मी की स्कूलिंग झारखंड के रांची के जवाहर विद्या मंदिर श्यामली से हुई है. उनके पिता विजय कुमार गिरि रेलवे में काम करते हैं. मूल रूप से बिहार के छपरा की रहने वाली विजयलक्ष्मी ने NEET प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए रोजाना 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी किया और उनकी मेहनत रंग लाई और वह झारखंड टॉपर बन गईं. 

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दादाजी ने देखा था डॉक्टर बनाने का सपना

विजयलक्ष्मी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका परिवार खासकर उनके दादाजी उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहते थे. अगर वह जीवित होते तो सबसे ज्यादा खुशी उन्हें होती. विजयलक्ष्मी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया और बताया कि उनकी मां प्रभा कुमारी और छोटे भाई ने हमेशा उनका साथ दिया. वह मेडिकल की पढ़ाई करके कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं. 

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नीट एस्पिरेंट्स के लिए खास सलाह

अपने सपने के बारे में बताते हुए विजयलक्ष्मी ने कहा कि बड़े शहरों में इलाज की बेहतर सुविधाएं हैं लेकिन गांवों में सुविधाओं का अभाव है. जब वह मेडिकल की पढ़ाई करके झारखंड वापस आएंगी तो डॉक्टर बनकर गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करेंगी. नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को उन्होंने सलाह दी है कि वे एनसीआईटी की किताबें पढ़ें और सेल्फ स्टडी पर ध्यान दें. 

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