एजुकेशन
Jaya Pandey | May 15, 2026, 02:02 PM IST
1.दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

रेलवे ट्रांसपोर्ट के उन भरोसेमंद साधन में से एक है जो पहाड़ों, लंबी सुरंगों, रेगिस्तानी इलाकों को भी आपस में एक-दूसरे से जोड़ती है. दुनियाभर में कई रेलवे स्टेशन पहाड़ी इलाकों में बने हुए हैं. इनमें से कुछ स्टेशन अपनी ऊंचाई की वजह से भी अलग पहचान रखते हैं. अगर आप भारत के दार्जिलिंग के घूम रेलवे स्टेशन को सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन मानते हैं तो आप गलत हैं. आज हम आपको दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे स्टेशन के बारे में विस्तार से बताएंगे.
2.गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है इस रेलवे स्टेशन का नाम

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन तिब्बत का तांगगुला रेलवे स्टेशन है. यह समुद्र तल से लगभग 5,068 मीटर की ऊंचाई पर बना है. अपनी ऊंचाई की वजह से इसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अपनी जगह बनाई है. यह रेलवे स्टेशन किंगहाई-तिब्बत रेलवे लाइन का हिस्सा है जिसे दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे लाइनों में गिना जाता है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
3.कहां से कहां को जोड़ता है यह रेलवे स्टेशन?

यह रेलवे चीन के किंगहाई प्रांत को तिब्बत की राजधानी ल्हासा से जोड़ती है. इतनी ऊंचाई पर रेलवे स्टेशन को बनाया इंजीनियरों के लिए इतना भी आसान नहीं था. इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन का लेवल समुद्र तल की तुलना में कम होता है. यहां हवा पतली हो जाती है और शरीर को उसकी जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन नहीं मिल पाता जिससे यहां एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है.
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4.तांगगुला स्टेशन बनाने में खास इंजीनियरिंग टेक्निक का इस्तेमाल

तांगगुला स्टेशन का मौसम बेहद खतरनाक है. यहां तापमान लंबे समय तक शून्य से नीचे रह सकता है और यह इलाका पर्माफ्रॉस्ट यानी सालभर जमी रहने वाली जमीन से घिरा है. ऐसे में पटरियों और स्टेशन को स्थिर बनाए रखना आसान नहीं था. इंजीनियरों ने स्पेशल कूलिंग टेक्निक और थर्मल सिस्टम का इस्तेमाल किया जिससे जमीन के पिघलने-जमने की प्रक्रिया का असर रेलवे ट्रैक पर न पड़े. इससे स्टेशन और रेल लाइन को लंबे समय तक सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने में मदद मिली.
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5.इस स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में क्या है खास?

तांगगुला जाने वाली ट्रेनों को भी सामान्य ट्रेनों से अलग तरीके से डिजाइन किया गया है. इन ट्रेनों में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम लगाया गया है जिससे यात्रियों को सांस लेने में परेशानी न हो. कई डिब्बों में नियंत्रित दबाव और एक्स्ट्रा ऑक्सीजन पोर्ट की सुविधा दी जाती है जिससे ऊंचाई के कारण होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके. यही वजह है कि यात्रियों को ट्रेन के भीतर सुरक्षित माहौल मिलता है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
6.तांगगुला स्टेशन के आसपास का नजारा है बेहद खूबसूरत

इस स्टेशन के आसपास का नजारा बेहद खूबसूरत होता है. तांगगुला पर्वतमाला और तिब्बती पठार का दृश्य यात्रियों को रोमांचित कर देता है. साफ मौसम में दूर तक बर्फ से ढकी चोटियां दिखाई देती हैं. इससे यहां का सफर और भी यादगार बन जाता है. लेकिन यहां से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों यहां बहुत कम समय के लिए रुकती हैं क्योंकि अधिक ऊंचाई की वजह से लंबे समय तक यहां रुकना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
7.तांगगुला रेलवे स्टेशन में और क्या है खास?

दिलचस्प बात यह है कि इस रेलवे स्टेशन को बनाने के दौरान पर्यावरण और जंगली जानवरों का भी खास ध्यान रखा गया. किंगहाई-तिब्बत रेलवे मार्ग में कई वन्यजीव गलियारे बनाए गए हैं जिससे दुर्लभ तिब्बती हिरण और दूसरे जानवर बिना बाधा अपने प्राकृतिक रास्तों का इस्तेमाल कर सकें. इससे यह प्रोजेक्ट आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी एक उदाहरण बन गया.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
8.भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन घूम है. यह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित है और समुद्र तल से लगभग 2,258 मीटर की ऊंचाई पर बना है. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का हिस्सा होने के कारण यह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है. लेकिन ऊंचाई के मामले में तांगगुला रेलवे स्टेशन इससे दोगुने से भी ज्यादा ऊंचा है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
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