एजुकेशन
Jaya Pandey | Aug 10, 2026, 10:13 AM IST
1.तमिलनाडु के स्टूडेंट को मिली 3.55 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप

जिस उम्र में भारत के अधिकतर बच्चे इंजीनियरिंग या मेडिकल की तैयारी में लगे रहते हैं, उस उम्र में तमिलनाडु का एक बच्चा एक अलग ही राह पर चल पड़ा है. 17 साल के प्रणव इलांगो को अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए 3.55 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली है. ब्राउन यूनिवर्सिटी अमेरिकी के प्रतिष्ठित आईवी लीग इंस्टीट्यूट्स में से एक है.
(All Image Credit: Pranav Ilango LinkedIn)
2.ब्राउन यूनिवर्सिटी से कौन-सा कोर्स करेंगे प्रणव इलांगो?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रणव अगस्त के आखिरी हफ्ते से ब्राउन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई शुरू कर देंगे. यहां वह एप्लाइड मैथमैटिक्स और पब्लिक हेल्थ की पढ़ाई करेंगे. यह स्कॉलरशिप उनका 4 साल की पढ़ाई का खर्च उठाएगी, जो उनके परिवार के लिए किसी भी तरह से आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं था. उनकी काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्राउन यूनिवर्सिटी के अलावा उन्हें हांगकांग यूनिवर्सिटी से भी 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप का ऑफर मिला है.
3.प्रणव इलांगो ने किस बोर्ड से की है स्कूल की पढ़ाई?

तमिलनाडु के ईरोड में सीएस एकेडमी के स्टूडेंट प्रणव की पढ़ाई-लिखाई की क्षमता को सबसे पहले उनके एक टीचर ने पहचाना था. शिक्षक की राय पर उन्होंने कैंब्रिज IGCSE पाठ्यक्रम में स्विच किया. यह बदलाव उनके परिवार की समझ से परे था क्योंकि इससे पहले परिवार के किसी सदस्य ने इंटरनेशनल एजुकेशन सिस्टम से पढ़ाई नहीं की थी.
4.प्रणव इलांगो की जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट कब आया?

प्रणव की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने पाया कि ईरोड के एक स्टूडेंट को अमेरिका में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली है. इससे प्रभावित होकर उन्होंने भी विदेश में पढ़ाई के मौके तलाशने शुरू कर दिए और टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए प्रोफाइल बनाने का फैसला किया. लगातार 4 साल तक उन्होंने एकेडमिक में तो खुद को मजबूत किया ही साथ ही एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भी जोर-शोर से शामिल हुए. बढ़िया ग्रेड्स लाने के साथ ही उन्होंने लीडरशिप रोल और कम्युनिटी सर्विसेस जैसे कामों में भी अपना समय लगाया.
5.पढ़ाई के साथ प्रणव इलांगो ने इन एक्टिविटीज में भी किया पार्टिसिपेट

प्रणव ने स्कूल लीडर के तौर पर काम किया, शतरंज खेले और कैंसर से जुड़े जागरूकता कैंपेन में हिस्सा लिया और दूसरे शहरों के हजारों लोगों तक अपनी पहुंच बनाई. इन अनुभवों ने दुनियाभर के हजारों कैंडिडेट्स के बीच उन्हें एक मजबूत एप्लीकेशन प्रोफार्मा बनाने में मदद की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एजुकेशनल प्रोग्राम और मेंटरशिप पहलों में भी भाग लिया जिससे उन्हें अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटियों के एडमिशन प्रोसेस को समझने और एप्लीकेशन की तैयारियों में मदद मिली.
6.क्या सिखाती है प्रणव इलांगो की सक्सेस स्टोरी?

प्रणव के मुताबिक, कैम्ब्रिज का पाठ्यक्रम चुनने से एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी में सालों बिताने बजाए कोर्स की किताबों से परे दूसरी एक्टिविटीज में समय बिताने का मौका मिला. ईरोड के एक क्लासरूम से लेकर आइवी लीग तक, प्रणव इलांगो के सफर से यह सीख मिलती है कि प्रतिभा कहीं से भी उभर सकती है. सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और जिंदगी में बड़े मकसद के साथ, बड़े से बड़े सपने भी साकार हो सकते हैं.