एजुकेशन
सुमित तिवारी | Dec 05, 2025, 10:37 AM IST
1.क्या होता है नियम

दरअसल जब भी किसी देश का प्रधानमंत्री या फिर राष्ट्रपति किसी विदेशी दौरे पर जाते हैं तब देश का शासन स्वचलित रूप से चलता रहता है. इसके लिए अलग से कार्यवाहक प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नियुक्त नहीं किया जाता. जब तक कि पीएम स्वयं किसी को अधिकृत न करें.
2.भारत के संदर्भ में

अगर भारत के लिहाज से देखा जाए तो प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर भी पूरी कैबिनेट सुचारू रूप से काम करती रहती है. साथ ही विभिन्न मंत्रालय भी अपने-अपने कार्य करते रहते हैं.
3.विदेश से भी निर्णय ले सकते हैं पीएम

हालांकि आवश्कता पड़ने पर प्रधानमंत्री विदेश से भी निर्णय ले सकते हैं. दूसरी तरफ अगर किसी आपात स्थिति में प्रधानमंत्री उपस्थित नहीं है तो वरिष्ठम मंत्री भी निर्णय ले सकते हैं.
4.संविधान में स्पष्ट व्यवस्था

अन्य कुछ देशों में संविधान में स्पष्ट व्यवस्था होती है. इन देशों में उप-प्रधानमंत्री या फिर उप-राष्ट्रपति जैसे पद भी होते है. जो प्रधानमंत्री की अनुपस्तिथि में कार्यभार संभाल लेते हैं.
5.शासन पर कोई असर नहीं

यानी कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे से शासन पर कोई असर नहीं पड़ता, सरकार सामान्य रूप से चलती रहती है. हालांकि कई बार जरुरत पड़ने पर विदेश से भी प्रधानमंत्री निर्ण लेते हैं.