एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 07, 2026, 03:38 PM IST
1.पंजाब के 5 नदियों की बड़ी बहन

भारत में पंजाब को 'पांच नदियों की धरती' कहा जाता है. सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब और झेलम मिलकर इस राज्य की पहचान बनाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन पांचों नदियों में बड़ी बहन किसे कहा जाता है. दिलचस्प बात यह है कि पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म भी इस नदी के नाम पर है. आज हम आपको इस नदी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.
(All Image: Wikimedia Commons)
2.कहां से निकलती है सतलुज नदी?

इस नदी का नाम सतलुज है. सतलुज नदी का उद्गम तिब्बत में माउंट कैलाश और मानसरोवर इलाके के पास स्थित राक्षसताल झील के निकट होता है. यह नदी तिब्बती पठार से निकलकर पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती है और हिमाचल प्रदेश में शिपकी ला दर्रे के पास भारत में एंट्री करती है. इसके बाद यह किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और पंजाब से गुजरते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है.
3.माउंट कैलाश से निकलने के बावजूद नेपाल में क्यों नहीं बहती सतलुज नदी?

अब आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर जब सतलुज का उद्गम माउंट कैलाश के पास है तो इसका पानी नेपाल में क्यों नहीं पहुंचता? तो आपको बता दें कि इसकी वजह पूरी तरह से भौगोलिक है. माउंट कैलाश और मानसरोवर का इलाका एशिया का एक वॉटर डिवाइड माना जाता है. यहां से निकलने वाली नदियां आसपास की भूमि के प्राकृतिक ढलान के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में बहती हैं.
4....तो इस वजह से भारत-पाकिस्तान में बहती है सतलुज

सतलुज के उद्गम क्षेत्र का ढलान पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम की ओर है इसलिए यह नदी तिब्बत से सीधे हिमाचल प्रदेश की ओर बढ़ती है. वहीं, नेपाल की ओर बहने वाली नदियों का ढलान दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर होता है. इस वजह से सतलुज का पानी नेपाल में प्रवेश नहीं कर पाता और अपनी अलग जलधारा के साथ भारत और फिर पाकिस्तान की ओर बहता रहता है.
5.सिंधु रिवर सिस्टम की अहम नदी है सतलुज

सतलुज सिंधु रिवर सिस्टम की एक प्रमुख सहायक नदी है. यह उन तीन ट्रांस-हिमालयन नदियों में शामिल है जो तिब्बती पठार से निकलकर विशाल हिमालय पर्वतमाला को पार करती हैं. सतलुज के अलावा इनमें दो और नदियां सिंधु और ब्रह्मपुत्र हैं. सतलुज की कुल लंबाई लगभग 1,450 किलोमीटर है, जिसमें से यह नदी करीब 320 किलोमीटर भारत में और इसका बाकी हिस्सा तिब्बत और पाकिस्तान में बहता है.
6.1960 की सिंधु जल संधि

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत सतलुज, रावी और ब्यास के पानी का अधिकार भारत के पास है जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब के अधिकतर जल पर पाकिस्तान का अधिकार है. इस वजह से सतलुज का पानी भारत में सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है.