एजुकेशन
Jaya Pandey | May 11, 2026, 05:32 PM IST
1.भारत का सबसे छोटा नेशनल हाईवे

भारत आज अपनी सड़क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर पहले से कहीं ज्यादा ध्यान दे रहा है. देशभर में नए एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और नेशनल हाईवे का तेजी से निर्माण हो रहा है. जब भी नेशनल हाईवे का नाम आता है तो लोगों के दिमाग में अक्सर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें, टोल प्लाजा और कई राज्यों को जोड़ने वाले रूट की तस्वीर उभरती है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
2.छोटी दूरी की वजह से चर्चा में रहता है यह हाईवे

लेकिन आज हम आपको जिस नेशनल हाईवे के बारे में बताने जा रहे हैं, वह अपनी छोटी दूरी की वजह से चर्चा में रहता है. इसे भारत का सबसे छोटा नेशनल हाईवे कहा जाता है. दिलचस्प बात यह है कि यह छोटा हाईवे देश के सबसे अहम बंदरगाह क्षेत्रों में से एक को जोड़ने का काम करता है.
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3.भारत में कहां है देश का सबसे छोटा नेशनल हाईवे?

भारत का सबसे छोटा नेशनल हाईवे NH 966B केरल के कोच्चि शहर में स्थित है. यह मार्ग पहले NH 47A के नाम से जाना जाता था और अब नई नंबरिंग सिस्टम के तहत NH 966B कहलाता है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इसकी कुल लंबाई करीब 8 किलोमीटर है. वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे 6 किलोमीटर लंबा भी बताया गया है.
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4.किससे किसको जोड़ता है नेशनल हाईवे?

यह नेशनल हाईवे कोच्चि के कुंदन्नूर जंक्शन को विलिंगडन आइलैंड से जोड़ता है. यह द्वीप कोच्चि के समुद्री व्यापार और बंदरगाह गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है. यहां कोचीन पोर्ट से जुड़ी सुविधाएं, गोदाम, माल परिवहन गतिविधियां और नौसेना से संबंधित अहम संस्थान मौजूद हैं. ऐसे में भले ही यह हाईवे लंबाई में छोटा हो, लेकिन इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व काफी बड़ा है. इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक, कंटेनर वाहन और पोर्ट से जुड़े वाहन गुजरते हैं.
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5.क्यों इतना छोटा है यह हाईवे?

इस हाईवे के इतना छोटा होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक जरूरत है. दरअसल, यह मार्ग केवल मेन लैंड और विलिंगडन द्वीप के बीच कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था. इसका मकसद किसी लंबे शहरी नेटवर्क को जोड़ना नहीं, बल्कि बंदरगाह क्षेत्र को राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क से सीधा संपर्क देना था.
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