एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 16, 2026, 02:43 PM IST
1.चीन यारलुंग त्सांगपो नदी पर बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डैम

एशिया की सबसे गहरी नदी ब्रह्मपुत्र इस समय चीन के एक बड़े हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट की वजह से चर्चा में है. चीन तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजक्ट का निर्माण कर रहा है. यारलुंग त्सांगपो ही भारत में एंट्री करने के बाद ब्रह्मपुत्र के नाम से जानी जाती है और अरुणाचल प्रदेश में सियांग या दिहांग और फिर असम में इसे ब्रह्मपुत्र कहा जाता है. चीन के इस प्रोजेक्ट ने भारत और बांग्लादेश में जल सुरक्षा, पर्यावरण और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
(All Image Credit: Wikimedia Commons)
2.ब्रह्मपुत्र नदी कहां से कहां तक बहती है और इसके कितने नाम हैं?

करीब 2,900 किलोमीटर लंबी ब्रह्मपुत्र नदी चीन(तिब्बत), भारत और बांग्लादेश में बहती है. इसके अलावा भूटान में भले ही यह नदी न बहती हो लेकिन यह इस देश की इकोलॉजी और ड्रेनेज बेसिन का अहम हिस्सा है. भूटान के दक्षिणी पहाड़ों से निकलने वाली मानस, संकोश और रायडक जैसी कई नदियां असम में एंट्री करती हैं और फिर ब्रह्मपुत्र में मिल जाती हैं. असम से निकलने के बाद यह नदी बांग्लादेश पहुंचती है, जहां इसे जमुना के नाम से जाना जाता है. बांग्लादेश में लगभग 337 किलोमीटर बहने के बाद यह पद्मा और मेघना रिवर सिस्टम से मिलते हुए बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है.
3.किस देश ने इस नदी पर बनाया सबसे ज्यादा डैम?

ब्रह्मपुत्र या यारलुंग त्सांगपो पर सबसे ज्यादा बांध बनाने वाला देश चीन ही है. ड्रैगन पहले से इस नदी पर कई हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट विकसित कर चुका है. इसमें जैंगमु, जियाचा, दागु, जिएक्सु और जिकोंग जैसे प्रोजेक्ट अहम हैं. जैंगमु हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट इस नदी पर बना पहला बड़ा बांध था जिसे साल 2015 में पूरी तरह से चालू किया गया था. इसके बाद चीन ने धड़ाधड़ दूसरे हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट का विस्तार किया.
4.चीन में कहां हो रहा है इस हाइड्रो-इलेक्ट्रिक डैम का निर्माण?

अब चीन तिब्बत के मेडोग काउंटी में नदी के ग्रेट बेंड इलाके में दुनिया की सबसे बड़ा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट विकसित कर रहा है. यह इलाका भारत के अरुणाचल प्रदेश के बेहद करीब है. चीन ने अपने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को साल 2024 के आखिर में मंजूरी दी थी और इसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है. चीन की इस प्रोजेक्ट से करीब 60 गीगावाट बिजली का उत्पादन करने का अनुमान लगाया जा रहा है, जो दुनिया के सबसे बड़े थ्री गॉर्जेस डैम से 2.7 गुना ज्यादा है.
5.दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक बांध

थ्री गॉर्जेस डैम दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक बांध है. यह चीन के हुबेई प्रांत में यांग्त्जी नदी पर स्थित है. इसका निर्माण यिचांग शहर के यिलिंग जिले के पास सैंडौपिंग इलाके में किया गया है. इसकी बिजली उत्पादन की क्षमता 22.5 गीगावाट है. यह बांध सिर्फ बिजली उत्पादन के लिए ही नदी बल्कि बाढ़ नियंत्रण, यांग्त्जी नदी पर बड़े जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने और जल संसाधनों के प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाती है.