एजुकेशन
Jaya Pandey | Jun 06, 2026, 01:12 PM IST
1.भारत में कहां-कहां हैं Mango Museum?

भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आम की दुर्लभ किस्मों को संरक्षित करने और लोगों को उनके बारे में जागरूक करने के लिए खास संग्रहालय और लाइव मैंगो म्यूजियम विकसित किए गए हैं. ये सिर्फ आम के बाग नहीं हैं बल्कि यहां आम की जैव-विविधता, इतिहास, खेती की तकनीकों और सांस्कृतिक महत्व को भी दिखाया जाता है. आम प्रेमियों के लिए ये जगहें किसी खजाने से कम नहीं हैं.
(Image Credit: Social Media)
2.लाइव मैंगो म्यूजियम, गुजरात

गुजरात के सासन गिर के पास भालछेल गांव में झरिया परिवार का लाइव मैंगो म्यूज़ियम देश के सबसे चर्चित आम संग्रहों में से एक माना जाता है. लगभग 12 एकड़ में फैले इस बाग को परिवार की कई पीढ़ियां संभाल रही हैं. यहां 300 से अधिक किस्मों के आम संरक्षित किए गए हैं. इस संग्रह में जापान की मशहूर मियाज़ाकी किस्म, थाईलैंड की कुछ दुर्लभ प्रजातियां, कोहितूर जैसे नाजुक आम और ऐसे आम भी शामिल हैं जिनका स्वाद अनानास या लेमोनेड जैसा होता है. यह जगह आम की विविधता को करीब से समझने का अनोखा मौका देती है.
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3.अनिल फार्म्स मैंगो म्यूज़ियम, अहमदाबाद

अहमदाबाद में अनिल फार्म्स मैंगो म्यूजियम भी आम प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है. यह एक एग्रो-टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. यहां आगंतुकों को 200 से अधिक देसी और विदेशी आम की किस्मों के बारे में जानकारी मिलती है. यहां आम की खेती के पारंपरिक और आधुनिक तरीकों के साथ-साथ भारतीय कृषि और संस्कृति में इसके महत्व को भी दिखाया जाता है.
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4.म्यूजियम ऑफ गोवा, गोवा

गोवा के पिलर्ने में म्यूजियम ऑफ गोवा समय-समय पर आम पर से जुड़ी प्रदर्शनियों का आयोजन करवाता है. मैंगोज़ एंड मीनिंग्स जैसी प्रदर्शनियों में आम को कला, इतिहास और सांस्कृतिक स्मृतियों के जरिए प्रस्तुत किया जाता है. यहां विभिन्न कलाकारों की कलाकृतियों, स्टोरी बेस्ड टूर, खाद्य कार्यक्रमों और इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिए आम के सांस्कृतिक महत्व को समझाया जाता है.
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5.ICAR-CISH, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) का मैंगो म्यूज़ियम रिसर्च और एजुकेशन पर फोकस है. यहां आम की सैकड़ों किस्मों का संग्रह है. यह सेंटर आम के इतिहास, आनुवंशिक विविधता, खेती की तकनीकों और इससे जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियों को आम लोगों तक पहुंचाने का काम करता है.
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6.कन्नपुरम, केरल

केरल के कन्नूर जिले का कन्नपुरम इलाका भी आम की पारंपरिक और दुर्लभ किस्मों के संरक्षण के लिए जाना जाता है. यहां स्थानीय समुदाय और किसान लंबे समय से कई देसी और हेरिटेज किस्मों को संरक्षित करने में जुटे हैं. यह इलाका किसी सामुदायिक लाइव मैंगो म्यूजियम की तरह काम करता है. लोग यहां की स्थानीय बागों का भ्रमण कर सकते हैं और आम की दुर्लभ प्रजातियों को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को करीब से देख सकते हैं.
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