एजुकेशन
जया पाण्डेय | Feb 14, 2026, 06:01 PM IST
1.दुनिया का सबसे बड़ा जीवित पेड़

आयतन के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा जीवित पेड़ General Sherman है, जो अमेरिका के Sequoia National Park में स्थित है. यह इलाका पहाड़ी है, इसलिए यहां की हवा नीचे की घाटियों की तुलना में पतली और ठंडी रहती है. पर्यटक एक तय पक्के रास्ते से चलते हुए अचानक इस विशालकाय पेड़ के सामने पहुंचते हैं और उसका आकार पूरी नजर को घेर लेता है. खुली जगह में खड़ा यह पेड़ किसी स्मारक की तरह शांत और स्थिर दिखाई देता है.
(तस्वीर: विकीमीडिया कॉमन्स से साभार)
2.कैसे यह वृक्ष बना इतना विशाल?

जनरल शेरमन कोई अचानक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ नहीं है, बल्कि सदियों की धीमी और निरंतर वृद्धि ने इसे इतना विशाल बनाया है. आयतन के आधार पर यह पृथ्वी का सबसे बड़ा पेड़ माना जाता है. आधिकारिक माप के अनुसार इसका कुल आयतन लगभग 52,500 घन फीट यानी करीब 1,486 घन मीटर है. यह लगभग 275 फीट यानी करीब 84 मीटर ऊंचा है और इसकी उम्र अनुमानित रूप से 2,200 से 2,700 साल के बीच मानी जाती है. वैज्ञानिक समय-समय पर इसके माप और स्वास्थ्य की जांच करते रहते हैं और यह पेड़ आज भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है.
3.जायंट सिकोइया प्रजाति का है यह पेड़

यह पेड़ जायंट सिकोइया प्रजाति का है, जो न सिर्फ अपनी ऊंचाई के लिए बल्कि अपनी असाधारण मोटाई और भारी तने के लिए जानी जाती है. इसके तने का अनुमानित वजन लगभग 1,300–1,400 टन माना जाता है. इसमें करीब 630,000 बोर्ड फीट लकड़ी होने का अनुमान है. तुलना के लिए विशेषज्ञ कहते हैं कि इतनी लकड़ी से सौ से अधिक औसत आकार के घर बनाए जा सकते हैं. जमीन के पास इसके तने की परिधि लगभग 102 फीट है और आधार पर व्यास करीब 36 फीट से ज्यादा है. जमीन से लगभग 180 फीट ऊपर भी तना करीब 14 फीट चौड़ा रहता है, जो इसके असाधारण आकार को दिखाता है.
4.दुनिया का सबसे पुराना पेड़ नहीं है जनरल शेरमन

इतने बड़े पैमाने को समझना आसान नहीं होता. इसके पास खड़े होने पर आंकड़े छोटे लगने लगते हैं और असली एहसास इसकी विशाल उपस्थिति से होता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि जनरल शेरमन दुनिया का सबसे पुराना पेड़ नहीं है. इसकी खासियत इसकी निरंतर वृद्धि और भारी द्रव्यमान है, जिसने इसे आयतन के हिसाब से सबसे बड़ा बना दिया. विशाल सिकोइया पेड़ हर साल काफी मात्रा में नई लकड़ी जोड़ते हैं, जिससे सदियों में उनका तना बेहद मोटा हो जाता है. इसकी पहली बड़ी शाखा जमीन से लगभग 130 फीट ऊपर शुरू होती है और इसका मुकुट 100 फीट से ज्यादा चौड़ाई में फैल सकता है, हालांकि पेड़ का अधिकांश द्रव्यमान तने में ही रहता है.
5.आग से यूं हुई थी इस पेड़ की रक्षा

सितंबर 2021 में केएनपी कॉम्प्लेक्स जंगल की आग जब जायंट फॉरेस्ट क्षेत्र की ओर बढ़ी, तब दमकलकर्मियों ने इस पेड़ सहित कई बड़े सिकोइया पेड़ों के तनों को खास अग्निरोधी एल्यूमीनियम-आधारित सुरक्षा कवर से लपेट दिया था ताकि आग से बचाया जा सके. विशाल सिकोइया पेड़ों का प्राकृतिक जीवनचक्र आग से जुड़ा होता है, क्योंकि हल्की आग उनके बीजों के अंकुरण में मदद करती है. लेकिन हाल के वर्षों में लगी अत्यधिक भीषण आग पुराने पेड़ों के लिए खतरा बन गई है.
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