एजुकेशन
Jaya Pandey | Feb 27, 2026, 04:28 PM IST
1.किसके हाथ में है NCERT की कमान?

एनसीईआरटी की 8वीं कक्षा की एक किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' से जुड़े कंटेंट को लेकर हाल ही में विवाद खड़ा हुआ, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों की सामग्री अत्यंत जिम्मेदारी के साथ तैयार की जानी चाहिए और केवल बिना शर्त माफी से बात खत्म नहीं होगी, बल्कि किताब के प्रकाशन की जांच की जाएगी.
2.कौन हैं प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी?

इस विवाद के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर National Council of Educational Research and Training यानी एनसीईआरटी की कमान किसके हाथ में है और उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड क्या है.
(Photo: NCERT Facebook)
3.एकेडमिक्स और रिसर्च की फील्ड में है तगड़ा अनुभव

फिलहाल एनसीईआरटी के निदेशक प्रोफेसर डीपी सकलानी हैं. उनका पूरा नाम दिनेश प्रसाद सकलानी है. उनका जन्म 1 जनवरी 1963 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में हुआ. उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबा अकादमिक अनुभव हासिल किया है. प्रोफेसर सकलानी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी से इतिहास विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल की. उनका रिसर्च वर्क मध्य हिमालय क्षेत्र के इतिहास और समाज पर केंद्रित रहा है.
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4.NCERT डायरेक्टर बनने से पहले इस यूनिवर्सिटी के थे प्रोफेसर

एनसीईआरटी में नियुक्ति से पहले वे हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी में इतिहास विभाग में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे. उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और अकादमिक दोनों जिम्मेदारियां निभाईं और शोध व अध्यापन में सक्रिय भूमिका निभाई. वे शिमला की इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज में विजिटिंग फेलो भी रहे हैं, जो देश का एक जाना-माना रिसर्च इंस्टीट्यूट है. इसके अलावा उन्हें पंजाब कला साहित्य अकादमी से सम्मानित भी किया जा चुका है, जो उनके साहित्यिक और शैक्षणिक योगदान को दर्शाता है.
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5.इतिहास पर कई किताबें हो चुकी हैं प्रकाशित

इतिहास विषय पर उनकी कई किताबें और शोध लेख प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी एक प्रमुख कृति मध्य हिमालय के प्राचीन समुदायों के इतिहास और जीवन पर आधारित है, जिसमें क्षेत्रीय समाज, संस्कृति और परंपराओं का विश्लेषण किया गया है. उन्होंने प्राचीन और मध्यकालीन भारत के शहरी विकास, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक परंपराओं पर भी लिखा है. रामायण और उससे जुड़े ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संदर्भों पर भी वे विभिन्न शोध परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं.
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6.क्या है NCERT का काम?

एनसीईआरटी शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी संस्था है जिसका काम राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा तैयार करना, विद्यालयी पाठ्यपुस्तकों का विकास करना और राज्यों को शैक्षणिक सलाह देना है. इसकी किताबों का इस्तेमाल सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भी किया जाता है. ऐसे में एनसीईआरटी के निदेशक की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि शैक्षणिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
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