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IIT-NIT से पढ़े बिना OpenAI की टॉप कुर्सी पर पहुंचे Vijaye Raji, जानें किस इंस्टीट्यूट से ली है डिग्री

आज हम आपको बताएंगे कि भारतीय मूल के Vijaye Raji कितने पढ़े-लिखे हैं जिन्हें OpenAI ने 9684 करोड़ रुपये के अधिग्रहण के बाद CTO बनाया है. उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक में काम किया है...

Jaya Pandey | Sep 11, 2025, 11:12 AM IST

1.OpenAI ने करोड़ों में किया Statsig का अधिग्रहण

OpenAI ने करोड़ों में किया Statsig का अधिग्रहण
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आज के स्टार्टअप और तकनीकी दिग्गजों के युग में अरबों डॉलर के सौदे अक्सर जैकपॉट की तरह लगते हैं. न केवल व्यापार में बल्कि भविष्य को आकार देने वाली तकनीक को प्रभावित करने के तरीके में भी कब क्या बदलाव हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. 

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2.आईआईटी-एनआईटी से पढ़े बिना मिली ओपनएआई में बड़ी कुर्सी

आईआईटी-एनआईटी से पढ़े बिना मिली ओपनएआई में बड़ी कुर्सी
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हाल ही में एक दूरदर्शी, भारतीय मूल के उद्यमी की कहानी सुर्खियों में आई है, जिनके काम ने चुपचाप खेल को बदल दिया. दृढ़ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा की उनकी कहानी सिलिकॉन वैली के हृदय में हलचल मचा रही है, जहां से उन्होंने भारत में अपनी यात्रा शुरू की थी और माइक्रोसॉफ्ट तथा फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम किया था.
 

3.विजय राजी ने की थी स्टैटसिग की स्थापना

विजय राजी ने की थी स्टैटसिग की स्थापना
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लगातार फलते-फूलते रहने के बीच सैम ऑल्टमैन की ओपनएआई ने एक प्रोडक्ट टेस्टिंग स्टार्टअप स्टैटसिग का अधिग्रहण कर लिया है, जिसकी स्थापना एक भारतीय मूल के व्यक्ति विजय राजी ने की थी.

4.9684 करोड़ रुपये में हुई डील

9684 करोड़ रुपये में हुई डील
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माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ओपनएआई ने स्टैटसिग को लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर (9684 करोड़ रुपये) में ऑल स्टॉक डील में अधिग्रहित कर लिया है. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर विजय राजी कौन हैं और उनकी पढ़ाई से लेकर उनका करियर का सफर कैसा रहा है?

5.कौन हैं विजय राजी?

कौन हैं विजय राजी?
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भारत में जन्मे विजय राजी ने साल 1999 में पांडिचेरी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने लगभग एक दशक तक माइक्रोसॉफ्ट में काम किया, जहां उन्होंने विजुअल स्टूडियो एडिटर, विंडोज एप्लीकेशन फ्रेमवर्क और एसक्यूएल सर्वर प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख उपकरणों पर काम किया.
 

6.माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक में भी किया काम

माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक में भी किया काम
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साल 2011 में विजय राजी फेसबुक में शामिल हो गए, जहां उन्होंने अगले 10 साल नेतृत्व की सीढ़ी चढ़ने में बिताए. इसके बाद वह गेमिंग, मनोरंजन और फेसबुक सिएटल के वाइस प्रेसिडेंट और हेड बने. 

7.4 साल पहले लॉन्च किया था स्टैटसिग

4 साल पहले लॉन्च किया था स्टैटसिग
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विजय राजी ने सिर्फ़ साढ़े चार साल पहले स्टैटसिग लॉन्च किया था. तब से यह प्लेटफ़ॉर्म इतना विकसित हो गया है कि ओपनएआई ने इसे वन ऑफ द मोस्ट ट्रस्टेड एक्सपेरिमेंटेशन प्लेटफॉर्म्स इन द इंडस्ट्री कहा.

8.विजय राजी ने यूं जाहिर की खुशी

विजय राजी ने यूं जाहिर की खुशी
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अपने इस सफर पर विजय राजी ने ओपनएआई की वेबसाइट ब्लॉगपोस्ट में कहा, 'एप्लीकेशन के सीटीओ के रूप में ओपनएआई में शामिल होना एक असाधारण अवसर है. स्टैटसिग के साथ यात्रा बेहद संतोषजनक रही है, जिसने मुझे इस क्षण तक पहुंचाया और मुझे यह विश्वास दिलाया कि हम टीमों को हर दिन बेहतर सॉफ्टवेयर तैयार करने में मदद करते रहेंगे.'

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