एजुकेशन
जया पाण्डेय | Nov 06, 2025, 03:50 PM IST
1.पिछले 5 साल के यूपीएससी टॉपर्स के ऑप्शनल सब्जेक्ट्स

भारत में हर साल लाखों युवा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देते हैं, लेकिन केवल वे ही सफल होते हैं जो सही रणनीति, गहरी समझ और सही ऑप्शनल सब्जेक्ट के साथ तैयारी करते हैं. यूपीएससी की परीक्षा में वैकल्पिक विषय की अहम भूमिका होती है. यह न केवल मेन्स एग्जाम में अंक बढ़ाने में मदद करता है बल्कि इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाता है. आज हम आपको बताएंगे कि पिछले पांच साल के टॉपर्स ने किसे अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था.
2.2024 की यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे (पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन)

शक्ति दुबे ने पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन को अपना वैकल्पिक विषय चुना. यह विषय हाल के वर्षों में बहुत लोकप्रिय हो गया है क्योंकि इसका सामान्य अध्ययन और एथिक्स से गहरा संबंध है. शक्ति ने बताया कि उन्होंने इसे इसलिए चुना क्योंकि इससे उनकी मुख्य परीक्षा की तैयारी मज़बूत हुई और इंटरव्यू के दौरान प्रशासनिक दृष्टिकोण को समझने में भी मदद मिली.
3.2023 के यूपीएससी टॉपर आदित्य श्रीवास्तव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग)

आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट आदित्य श्रीवास्तव ने अपने मूल विषय को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना. उन्होंने साबित कर दिया कि किसी विषय की गहरी समझ होना आपकी सबसे बड़ी ताकत हो सकती है.
4.2022 की यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर (पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन)

दिल्ली की इशिता किशोर ने भी पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन चुना और यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक हासिल की. उन्होंने कहा कि यह विषय न केवल समसामयिक मामलों से जुड़ा है, बल्कि इंटरव्यू में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में भी मदद करता है.
5.2021 की यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा (इतिहास)

कई उम्मीदवार इतिहास को कठिन मानते हैं लेकिन श्रुति शर्मा ने इसे ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना और साबित कर दिया कि रुचि और लगन से कोई भी विषय आसान हो सकता है. उन्होंने इतिहास इसलिए चुना क्योंकि उन्हें अतीत से सीखकर वर्तमान को समझना पसंद था.
6.2020 के यूपीएससी टॉपर शुभम कुमार (एंथ्रोपोलॉजी)

बिहार के शुभम कुमार ने एंथ्रोपोलॉजी चुना. यह विषय हाल के साल में लोकप्रिय हुआ है क्योंकि इसका पाठ्यक्रम सीमित है और इसमें नंबर भी अच्छे मिलते हैं. शुभम ने कहा कि इससे समाज को गहराई से समझने में मदद मिलती है.