एजुकेशन
जया पाण्डेय | Nov 14, 2025, 07:02 AM IST
1.देश का बिना नाम का रेलवे स्टेशन

अगर आपने कभी ट्रेन में सफर किया है तो आपने हर स्टेशन पर लगा हुआ एक पीला बोर्ड जरूर देखा होगा जिसपर स्टेशन का नाम और उसका कोड लिखा होता है. इस पीले बोर्ड से यात्रियों को पता चलता है कि वह किस जगह पर पहुंचे हैं. लेकिन देश में एक रेलवे स्टेशन ऐसा भी है जिसका कोई नाम नहीं है और यहां का पीला बोर्ड बिलकुल खाली है.
2.हर साल लाखों यात्री करते हैं रेलवे स्टेशनों से यात्रा

भारत में हजारों रेलवे स्टेशन हैं. इनमें से कुछ फेमस हैं और इनसे लाखों यात्री रोजाना सफर करते हैं इनमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (दिल्ली), हावड़ा जंक्शन (पश्चिम बंगाल), चेन्नई सेंट्रल (तमिलनाडु), मुंबई सीएसटी (छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) (महाराष्ट्र) और कोलकाता सियालदह (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं.
3.पीले बोर्ड पर नहीं लिखा होता कोई नाम

हालांकि भारत में सिर्फ एक ही रेलवे स्टेशन है जो अजीब वजह से लोकप्रिय है क्योंकि इसका कोई नाम ही नहीं है. अब आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि अगर यहां कोई नाम नहीं है तो यात्रियों को कैसे पता चलता होगा कि उसे कहां उतरना है और बिना नाम के वह कैसे टिकट बुक करते होंगे?
4.सामान्य स्टेशनों की तरह ही लोग करते हैं इस स्टेशन का इस्तेमाल

भारत में इस अनाम स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों को आश्चर्य और विस्मय का एहसास होता है. इसके पीले बोर्ड पर कोई नाम नहीं लिखा है और न ही इसकी कोई आधिकारिक पहचान है, फिर भी यहां हर दिन ट्रेनें रुकती हैं. लोग टिकट लेते हैं, चढ़ते हैं और उतरते हैं, ठीक वैसे ही जैसे किसी और स्टेशन का लोग इस्तेमाल करते हैं.
5. यह अनाम रेलवे स्टेशन कहां है?

यह अनाम रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल में बर्धमान शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है. अनाम होने के बावजूद यह पूरी तरह से चालू है और हर दिन दर्जनों ट्रेनों को अपनी सेवाएं देता है.
6.क्यों बेनाम है यह रेलवे स्टेशन?

ज़ी न्यूज़ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्षों के ग्रामीण चाहते थे कि स्टेशन का नाम उनके गांवों के नाम पर रखा जाए. विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. फैसले का इंतज़ार करते हुए रेलवे अधिकारियों ने बोर्ड से नाम हटा दिया. तब से यह रेलवे स्टेशन गुमनाम है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से