एजुकेशन
Jaya Pandey | May 25, 2026, 06:25 PM IST
1.भारत का वो एयरपोर्ट जहां से दुनिया के कोने-कोने के लिए मिलती है फ्लाइट

भारत की एविएशन इंडस्ट्री आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ती मार्केट में से एक है. यहां के बड़े शहरों से लेकर इंटरनेशनल डेस्टिनेशन तक हवाई यात्रा का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है. ऐसे में आज हम आपको भारत के उस एयरपोर्ट के बारे में बताएंगे तो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सैन्य जरूरतें पूरा करने के लिए बनाया गया थे लेकिन आज यहां से दुनिया के कोने-कोने के लिए फ्लाइट्स मिलती हैं.
(Image Credit: WIkimedia Commons)
2.दुनिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में से एक है आईजीआई

भारत के एविएशन नेटवर्क का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त केंद्र दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यानी IGI Airport है. यह दुनिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल हो चुका है. खास बात यह है कि यहां से यात्री 150 से अधिक घरेलू और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए सीधी उड़ान भर सकते हैं. दिल्ली के पालम इलाके में स्थित यह एयरपोर्ट करीब 5,106 एकड़ में फैला हुआ है.
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3.पहले कहलाता था पालम एयरपोर्ट

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर है, जबकि शहर के मुख्य केंद्र से यह करीब 16 किलोमीटर दूर है. आज जिस एयरपोर्ट को पूरी दुनिया IGI एयरपोर्ट के नाम से जानती है, उसे 1986 तक पालम एयरपोर्ट कहा जाता था. बाद में इसका नाम भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सम्मान में रखा गया.
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4.आईजीआई एयरपोर्ट का इतिहास

इस एयरपोर्ट का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा हुआ है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश शासन ने एशिया में मित्र देशों की मिलिट्री को सपोर्ट करने के लिए पालम एयरपोर्ट को एक सैन्य बेस के रूप में विकसित किया था. आजादी के बाद इसका नियंत्रण भारतीय वायु सेना के पास चला गया. कई साल तक यहां सैन्य गतिविधियां होती रहीं. बाद में जब दिल्ली में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी, तब कॉमर्शियल फ्लाइट्स को सफदरजंग एयरपोर्ट से पालम एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया गया. 1962 के बाद यह दिल्ली का प्रमुख नागरिक हवाई अड्डा बन गया.
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5.कौन देखता है आईजीआई एयरपोर्ट का प्रबंधन?

समय के साथ IGI एयरपोर्ट का तेजी से विस्तार हुआ और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया. साल 2006 में इसका प्रबंधन दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL को सौंपा गया, जिसमें GMR ग्रुप प्रमुख भागीदार है. इसके बाद एयरपोर्ट का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण किया गया. आज यहां अत्याधुनिक टर्मिनल, हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था, विशाल रनवे और आधुनिक कार्गो सुविधाएं मौजूद हैं.
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6.दुनिया के व्यस्त एयरपोर्ट्स में से है एक

IGI एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में अपनी जगह बना चुका है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस एयरपोर्ट ने लगभग 7.9 करोड़ यात्रियों को संभाला, जो इसके इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जाता है. यात्री संख्या के मामले में यह भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जबकि कार्गो ट्रैफिक में भी यह देश में पहले नंबर पर आता है. अंतरराष्ट्रीय एविएशन एजेंसियों और एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल की रैंकिंग में भी यह लगातार टॉप एयरपोर्ट्स में शामिल रहता है.
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7.एयरलाइंस का हब है यह एयरपोर्ट

दिल्ली एयरपोर्ट एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और एलायंस एयर जैसी कई भारतीय एयरलाइनों का प्रमुख हब है. इसके अलावा दुनिया की दर्जनों विदेशी एयरलाइंस भी यहां से सेवाएं संचालित करती हैं. वर्तमान में यहां तीन एक्टिव यात्री टर्मिनल और एक बड़ा कार्गो टर्मिनल मौजूद है. लगभग 80 एयरलाइंस यहां से उड़ान भरती हैं.
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8.ग्लोबल कनेक्टिविटी के मामले में नंबर 1

इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी ग्लोबल कनेक्टिविटी है. दिल्ली एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन चुका है, जो 150 से अधिक डोमेस्टिक और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से सीधे जुड़ा हुआ है. यहां से एशिया, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं. बैंकॉक, टोक्यो, शिकागो, वाशिंगटन, मॉन्ट्रियल, वैंकूवर, बाली और नोम पेन्ह जैसे कई विदेशी शहर सीधे दिल्ली से जुड़े हुए हैं.
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