एजुकेशन
Jaya Pandey | Aug 14, 2025, 02:06 PM IST
1.काफी खास है Saurabh Bothra

जब कोई आईआईटीयन के बारे में सोचता है तो उसके दिमाग में क्या आता है? एक चश्मा पहने, स्नैक्स खाते हुए किताबी कीड़ा जैसा इंसान, है ना? लेकिन आज हम आपको जिस शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, उनके बारे में जानकर आप कहेंगे कि यह तो अलग ही बंदा निकला.
2.आईआईटी बीएचयू से की है पढ़ाई

सौरथ बोथरा आज योग के क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं. महाराष्ट्र के छोटे से शहर नागपुर में पले-बढ़े बोथरा ने अपने सपनों के कॉलेज आईआईटी बीएचयू से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. ग्रेजुएट होने के बाद वह अपने फैमिली बिजनेस में शामिल हो गए.
3.HaBuild की ऐसे की स्थापना

वह अपने परिवार के बिजनेस को बढ़ाने का फैसला देख रहे थे लेकिन उनका दिल तो योग में लगा हुआ था. HaBuild के पीछे सौरभ का ही दिमाग है. अपनी मां को कमजोरी से लड़ने में मदद के लिए शुरू हुआ यह हैबिट बिल्डिंग प्लैटफॉर्म अब लगभग 1 करोड़ लोगों की कम्युनिटी के रूप में विकसित हो चुका है.
4.इसलिए लोगों को योग सिखाना किया शुरू

कहीं न कहीं उन्हें एहसास हुआ कि समाज को कुछ वापस देना भी ज़रूरी है. सिर्फ़ योग सीखना ही काफ़ी नहीं था बल्कि वे इस प्राचीन ज्ञान को और भी आत्मसात करना चाहते थे और इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहते थे इसलिए उन्होंने लोगों को योग सिखाना शुरू किया.
5. सौरभ बोथरा ने उद्यमिता की दुनिया में यूं रखा कदम

अपने दो जुनूनों व्यापार और योग को मिलाकर सौरभ बोथरा ने उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा और अपना पहला स्टार्टअप HABUILD शुरू किया. यह प्लेटफ़ॉर्म योग जैसी अच्छी आदतों को अपनाकर और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर लोगों को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करता है.
6.करोड़ों लोगों को सिखाया योग

सौरभ बोथरा द्वारा स्थापित Habuild से अब तक 1 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं. हर दिन 6 लाख से ज्यादा लोग सौरभ के साथ योग करते हैं, जो इस प्लेटफ़ॉर्म की अपार लोकप्रियता को दर्शाता है. इतना ही नहीं, इस स्टार्टअप में लगभग 250 से अधिक कर्मचारी भी काम कर रहे हैं और बोथरा इसे और आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं.
7.सौरभ बोथरा ने कही खास बात

सौरभ बोथरा ने कहा, 'छोटी शुरुआत करें. आदत बनाने की दिशा में पहला कदम किसी ऐसी चीज से शुरुआत करना है जिसे आप करना पसंद करते हैं या जिसे सीखने में आपकी रुचि है और एक बार जब आप सीखने की प्रक्रिया शुरू कर दें, तो खुले दिमाग से सोचें और अपने आस-पास के माहौल पर ध्यान दें.
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