एजुकेशन
Jaya Pandey | Dec 28, 2025, 04:29 PM IST
1.भारतीयों को अपने देश से निर्वासित करने के मामले में कौन है आगे?

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद से भारतीय नागरिकों के निर्वासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हाल के महीनों में अमेरिका से बड़ी संख्या में भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने की खबरों ने सुर्खियां बटोरीं. लेकिन सरकारी आंकड़े बताते हैं कि भारतीयों को अपने देश से बाहर करने के मामले में अमेरिका सबसे आगे नहीं है.
2.क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?

विदेश मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बीते कुछ वर्षों में भारतीय नागरिकों को सबसे ज्यादा डिपोर्ट करने वाला देश सऊदी अरब रहा है. मंत्रालय के मुताबिक वर्ष 2025 में अब तक 7,000 से अधिक भारतीयों को सऊदी अरब से निर्वासित किया गया.
3.भारतीय दूतावासों को क्यों नहीं मिलती निर्वासन की जानकारी?

विदेश मामलों के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सदन को जानकारी देते हुए बताया था कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी, हिरासत और निर्वासन से जुड़ी पूरी जानकारी हर मामले में भारतीय दूतावासों के साथ शेयर नहीं की जाती. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं मामलों में दूतावासों को औपचारिक सूचना मिलती है, जहां राष्ट्रीयता सत्यापन या आपातकालीन यात्रा दस्तावेज जारी करने की आवश्यकता होती है.
4.सऊदी अरब से कितने भारतीय हुए निर्वासित?

रियाद स्थित भारतीय दूतावास से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सऊदी अरब से कुल 7,019 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया गया. इन आंकड़ों में जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अंतर्गत आने वाले मामले भी शामिल हैं, जहां से 3,865 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया. इससे पहले वर्ष 2024 में 9,206, वर्ष 2023 में 11,486, वर्ष 2022 में 10,277 और वर्ष 2021 में 8,887 भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब से वापस भेजा गया था.
5.अमेरिका की क्या है स्थिति

अगर अमेरिका की बात करें तो वहां सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई के बावजूद भारतीयों की डिपोर्टेशन संख्या सऊदी अरब की तुलना में कम रही है. वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास से प्राप्त विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अमेरिका से कुल 3,414 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया गया.
6.क्यों भारतीयों को जबरन किया जाता है डिपोर्ट

विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेशों में भारतीय नागरिकों को हिरासत में लेने और डिपोर्ट किए जाने के पीछे कई कारण सामने आए हैं. इनमें वीजा या तय निवास अवधि से अधिक समय तक रुकना, वैध वर्क परमिट के बिना काम करना, स्थानीय श्रम कानूनों का उल्लंघन करना, बिना सूचना नौकरी छोड़ना और सिविल या आपराधिक मामलों में संलिप्त होना प्रमुख कारण हैं.
7.इसलिए भारतीयों के डिपोर्टेशन में टॉप पर है सऊदी अरब

सरकारी आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार अल्पकालिक वर्क वीजा पर काम करते हैं जहां नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत निर्वासन की कार्रवाई की जाती है. यही वजह है कि डिपोर्टेशन के आंकड़ों में सऊदी अरब जैसे देशों का नाम लगातार टॉप पर बना हुआ है.
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