एजुकेशन
Jaya Pandey | Apr 02, 2026, 01:41 PM IST
1.बिना IIT डिग्री के बने ग्लोबल लीडर

कुछ लोगों को लगता है कि आईआईटी ही सफलता का एकमात्र रास्ता है, लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है. दुनिया की कई टॉप कंपनियों का नेतृत्व भारतीय मूल के ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने आईआईटी से पढ़ाई नहीं की, फिर भी अपनी मेहनत, लगन और सही फैसलों के दम पर उन्होंने ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाई. आज हम आपको ऐसे ही सफल लोगों से मिलवाने जा रहे हैं.
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2.Chanel CEO Leena Nair

लग्जरी ब्रांड चैनल की ग्लोबल सीईओ लीना नायर का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद एक्सएलआरआई जमशेदपुर से एमबीए किया. यूनिलीवर में करीब 30 साल तक काम करने के बाद साल 2022 में उन्होंने चैनल की कमान संभाली. वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला और सबसे कम उम्र की सीईओ में से एक हैं.
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3.Barclays CEO CS Venkatakrishnan

बार्कलेज के सीईओ सीएस वेंकटकृष्णन का जन्म मैसूर में हुआ था. उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से हायर स्टडीज की, यहां से उन्होंने पीएचडी तक की पढ़ाई की. नवंबर 2021 में वे बार्कलेज के सीईओ बने और तब से बैंक की ग्लोबल स्ट्रेटजी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
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4.Adobe CEO Shantanu Narayen

एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण का पालन-पोषण भी हैदराबाद में हुआ. उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में अमेरिका से एमबीए किया. साल 2007 में सीईओ बनने के बाद उन्होंने एडोब को पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल से क्लाउड-बेस्ड सर्विस में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई, जिससे कंपनी का बिजनेस काफी तेजी से बढ़ा.
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5.Micron CEO Sanjay Mehrotra

माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा का जन्म कानपुर में हुआ था. उन्होंने बिट्स पिलानी से पढ़ाई की है और बाद में अमेरिका जाकर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की. वे सैनडिस्क के को-फाउंडर भी रहे हैं और साल 2017 में माइक्रोन के सीईओ बने. उनके नेतृत्व में कंपनी ने मेमोरी और स्टोरेज टेक्नोलॉजी में अपनी मजबूत पहचान बनाई.
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6.Microsoft CEO Satya Nadella

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला का जन्म हैदराबाद में हुआ था. उन्होंने मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और बाद में अमेरिका जाकर कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ने के बाद उन्होंने कंपनी में कई अहम भूमिकाएं निभाईं और 2014 में सीईओ बने. उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड कंप्यूटिंग के फील्ड में बड़ी सफलता हासिल की.
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