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ऑफिस हेल्पर की बेटी UPSC में शानदार रैंक लाकर बनी थीं IFS, जानें ढाका में गलत नक्शे पर आवाज बुलंद करने वाली डिप्लोमैट की कहानी

ढाका में आयोजित एक सेमिनार के दौरान डिप्लोमैट पूजा कुमार झा ने मंच पर दिखाए गए जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे पर कड़ी आपत्ति जताई और आयोजकों से उसे तुरंत सुधारने की मांग की. जानें उनकी सफलता की कहानी...

Jaya Pandey | Jul 14, 2026, 05:14 PM IST

1.जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे पर कड़ी आपत्ति जताने वाली अफसर की कहानी

जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे पर कड़ी आपत्ति जताने वाली अफसर की कहानी
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आजकल सोशल मीडिया पर IFS अफसर पूजा कुमार झा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. ढाका में आयोजित एक सेमिनार के दौरान उन्होंने मंच पर दिखाए गए जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे पर कड़ी आपत्ति जताई और आयोजकों से उसे तुरंत सुधारने की मांग की. इस घटना के बाद पूजा कुमार झा की प्रोफेशनल वर्कस्टाइल और भारत के हितों की मजबूती से पैरवी करने की खूब चर्चा हो रही है.
(All Images: Better India/Social Media)

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2.किस पद पर हैं IFS पूजा कुमार झा?

किस पद पर हैं IFS पूजा कुमार झा?
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पूजा कुमार झा वर्तमान में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हाई कमीशन ऑफ इंडिया में सेकेंड सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं. उन्होंने 2021 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा अपने पहले ही अटेम्प्ट में पास कर ली थी और 82वीं रैंक लाकर इंडियन फॉरन सर्विसेस में अपनी जगह बनाई थी. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपने सपनों को कैसे साकार किया, यह युवाओं के लिए काफी प्रेरणादायी कहानी है.

3.IFS पूजा कुमार झा का फैमिली बैकग्राउंड

IFS पूजा कुमार झा का फैमिली बैकग्राउंड
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पूजा कुमार झा बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुरनहिया प्रखंड की निवासी हैं. हालांकि, उनका परिवार लंबे समय से दिल्ली में रह रहा है. उनके पिता गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में ऑफिस हेल्पर हैं और उनकी मां होममेकर हैं. पूजा अपने परिवार की पांचवीं बेटी हैं और उनका एक छोटा भाई भी है. उन्होंने बेटर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उन्होंने ऐसे सामाजिक माहौल को करीब से देखा, जहां कई जगह बेटों को बेटियों से ज्यादा महत्व दिया जाता था. 

4.सरकारी स्कूलों से हुई पढ़ाई

सरकारी स्कूलों से हुई पढ़ाई
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आर्थिक तंगी के कारण पूजा और उनके भाई-बहनों को प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी और एमसीडी स्कूलों में पढ़ाई करनी पड़ी. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और हर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया.  परिवार और समाज में लैंगिक असमानता के अनुभवों ने उन्हें और उनकी बहनों को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया. वे अक्सर इन मुद्दों पर आपस में चर्चा करती थीं और एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं.

5.IFS पूजा झा की कहानी क्या सिखाती है?

IFS पूजा झा की कहानी क्या सिखाती है?
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आज उनकी सफलता लाखों युवाओं, खासकर साधारण परिवारों से आने वाली लड़कियों को यह सिखाती है कि अपनी मेहनत के दम पर जिंदगी में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है. सफलता का संबंध सिर्फ जेंडर से नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और प्रतिभा से होता है.
 

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