एजुकेशन
Jaya Pandey | Dec 29, 2025, 12:28 PM IST
1.इकोनॉमिस्ट संजीव सान्याल ने देश के एजुकेशन सिस्टम पर क्या कहा?

अर्थशास्त्री संजीव सान्याल का न्यूज एजेंसी ANI को दिया गया हालिया इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस इंटरव्यू में उन्होंने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने यूपीएससी को समय की बर्बादी बताते हुए कहा कि यह प्रणाली 1960 के दशक में भले ही एक अच्छा विचार रही हो, लेकिन आज के तेजी से बदलते दौर में इसकी प्रासंगिकता कम होती जा रही है.
2.यूपीएससी को बताया समय की बर्बादी

संजीव सान्याल ने यह भी कहा कि भविष्य पारंपरिक डिग्रियों की बजाय स्किल-आधारित शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर अधिक निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में रोज यूनिवर्सिटी जाकर लेक्चर अटेंड करना एक एलिट गतिविधि मानी जाती थी, लेकिन आज टेक्नोलॉजी, लेक्चर-आधारित यूनिवर्सिटी मॉडल को तेजी से अप्रासंगिक बना रही है.
3.हाईली एजुकेटेड हैं संजीव सान्याल

यूपीएससी और शिक्षा व्यवस्था पर इस तरह की टिप्पणी करने वाले संजीव सान्याल खुद देश के सबसे पढ़े-लिखे और प्रभावशाली नीति-निर्माताओं में गिने जाते हैं. वर्तमान में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक मामलों के प्रमुख सलाहकारों में शामिल हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि संजीव सान्याल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है और उन्होंने अब तक किन अहम पदों पर काम किया है.
4.संजीव सान्याल कौन हैं?

संजीव सान्याल एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, लेखक और पॉलिसी थिंकर हैं. वह वर्तमान में भारत सरकार में प्रधान आर्थिक सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा उन्हें शहरी अर्थशास्त्र, पर्यावरणीय इतिहास और दीर्घकालिक आर्थिक संरचनाओं पर उनके विचारों के लिए भी जाना जाता है. उनका जन्म 27 अगस्त 1970 को कोलकाता में हुआ था.
5.संजीव सान्याल की पढ़ाई-लिखाई

संजीव सान्याल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स में स्नातक की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सेंट जॉन्स कॉलेज से फिलॉसफी, पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (PPE) में उच्च शिक्षा प्राप्त की. यह कोर्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अकादमिक प्रोग्राम्स में गिना जाता है और इससे वैश्विक नेतृत्व और नीति-निर्माण की मजबूत नींव मिलती है.
6.फाइनेंशियल वर्ल्ड से पॉलिसी मेकिंग तक का सफर

संजीव सान्याल ने अपने करियर की शुरुआत फाइनेंशियल मार्केट्स से की. वे कई वर्षों तक ड्यूश बैंक से जुड़े रहे, जहां उन्होंने ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट और मैनेजिंग डायरेक्टर जैसे अहम पदों पर काम किया. 2015 तक वे बैंकिंग और ग्लोबल इकॉनॉमिक एनालिसिस के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम बन चुके थे.
7.कई अवॉर्ड्स पा चुके हैं संजीव सान्याल

शहरी अर्थव्यवस्था और अर्बन डायनमिक्स पर उनके काम के लिए उन्हें वर्ष 2007 में आइजनहावर फेलोशिप से सम्मानित किया गया. वर्ष 2010 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने उन्हें यंग ग्लोबल लीडर के रूप में नामित किया जो वैश्विक स्तर पर उभरते नेताओं को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है.
8.संजीव सान्याल की मोदी सरकार में भूमिका

साल 2017 में संजीव सान्याल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में प्रधान आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया. इस भूमिका में वे दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति, शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की आर्थिक संरचनाओं पर सरकार को सलाह देते हैं.
9.लेखक भी हैं संजीव सान्याल

संजीव सान्याल एक सफल लेखक भी हैं. उनकी चर्चित पुस्तकों में Land of the Seven Rivers, The Indian Renaissance और The Ocean of Churn शामिल हैं. इन किताबों में उन्होंने भारत के इतिहास, भूगोल और आर्थिक विकास को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है.
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