एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 10, 2026, 09:11 AM IST
1.ऑस्ट्रेलिया में बहती है धरती की सबसे पुरानी नदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 10 जुलाई को अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दूसरे दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे. यहां उन्होंने स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरे के बाद पीएम मोदी न्यूजीलैंड की यात्रा पर रवाना होंगे. ऐसे में आज हम आपको ऑस्ट्रेलिया की उस अनोखी नदी के बारे में बताएंगे जिसे दुनिया की सबसे प्राचीन नदियों में गिना जाता है. यह नदी सिर्फ अपनी उम्र ही नहीं बल्कि अपने अनोखे प्रवाह और भूवैज्ञानिक इतिहास की वजह से भी खास पहचान रखती है.
(All Image: Wikimedia Commons)
2.इस नदी को लारापिंटा के नाम से बुलाते हैं स्थानीय लोग

दुनिया की सबसे प्राचीन नदी ऑस्ट्रेलिया की फिंके नदी है. इसे स्थानीय अरेंते आदिवासी समुदाय लारापिंटा के नाम से बुलाते हैं. जियोलॉजिकल रिकॉर्ड्स में इस नदी तंत्र को लगभग 300-400 मिलियन पुराना माना जाता है. इस नदी का अस्तित्व डायनासोर के पृथ्वी पर आने से भी करोड़ों साल पहले का माना जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि जब पृथ्वी के महाद्वीप पैंजिया नाम के एक विशाल भूभाग के रूप में जुड़े हुए थे, तब भी इस नदी का प्रवाह मौजूद था. फिंके नदी को पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास का जीवंत साक्ष्य माना जाता है.
3.फिंके नदी की सबसे बड़ी खासियत

फिंके नदी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सालभर लगातार बहने वाली नदी नहीं है. इसे इंटरमिटेंट या एपेमरल नदी कहा जाता है. ये नदी पानी के लिए मौसम और बारिश पर निर्भर करती है. जहां सामान्य दिनों में इसका अधिकतर हिस्सा सूखा दिखाई देता है वहीं, मध्य ऑस्ट्रेलिया में भारी बारिश होने पर यह नदी अचानक तेज बहाव वाली धारा में बदल जाती है. फिर धीरे-धीरे इसका पानी कम होकर सिर्फ जलकुंडों में सिमटकर रह जाता है.
4.कहां से कहां तक बहती है ऑस्ट्रेलिया की फ्रिंके नदी?

जियोसाइंटिस्ट के मुताबिक, यह नदी मैकडॉनेल पर्वतमाला के बनने से पहले से बह रही थी. जब लाखों साल में भूगर्भीय हलचलों से पर्वतमालाएं ऊपर उठीं, तब नदी ने अपना रास्ता बदलने के बजाय चट्टानों को धीरे-धीरे काटते हुए अपना पुराना रास्ता ही बनाए रखा. फिंके नदी 600-750 किलोमीटर तक लंबी है. यह ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी में माउंट ज़ील के दक्षिणी क्षेत्र से निकलती है. इसके बाद यह ग्लेन हेलेन गॉर्ज और पाम वैली जैसे इलाकों से गुजरते हुए दक्षिण दिशा की ओर बढ़ती है. आगे चलकर यह ह्यू और पामर जैसी सहायक नदियों से मिलती है. इसके बाद यह सिम्पसन रेगिस्तान के पश्चिमी किनारे के साथ बहती हुई दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की ओर बढ़ती है.
5.किसके नाम पर रखा गया ऑस्ट्रेलिया की इस नदी का नाम?

फिंके नदी का नाम ऑस्ट्रेलियन रिसर्चर जॉन मैकडॉल स्टुअर्ट ने साल 1860 के अपने अभियान के दौरान रखा था. उन्होंने अपने सहयोगी विलियम फिंके के सम्मान में इस नदी का नाम फिंके रखा. रेगिस्तानी इलाकों में जीवन को सहारा देने की इसकी क्षमता और पर्वतों को काटकर अपना रास्ता बनाए रखने की विशेषता इसे दुनिया की सबसे अनोखी नदियों में जगह दिलाती है.