एजुकेशन
जया पाण्डेय | Nov 07, 2025, 10:15 AM IST
1.दुनिया का इकलौता देश जो उगाता है अपनी जरूरत का सारा खाना

ऐसे समय में जब दुनिया सामाजिक अन्याय, गरीबी, जलवायु परिवर्तन और बढ़ती खाद्य असुरक्षा की समस्या से जूझ रही है. नेचर फूड में छपी एक स्टडी ने दुनिया को चौंका दिया है. इस स्टडी के मुताबिक दुनिया का एक ही देश है जो आयात पर निर्भर हुए बिना अपने लोगों के लिए सभी जरूरी खाद्यान्न का उत्पादन खुद करता है.
2.186 देशों में से सिर्फ एक देश ही खुद भर सकता है अपने नागरिकों का पेट

इस स्टडी के मुताबिक 186 देशों में से केवल गुयाना ही सभी सात प्रमुख खाद्य समूहों में अपनी आबादी का पेट भरने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन कर सकता है. वे फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, मछली, मांस और यहां तक कि स्टार्चयुक्त खाद्यान्नों का उत्पादन करने में भी सक्षम हैं.
3.यह क्यों मायने रखता है?

वैश्विक खाद्य श्रृंखला कमज़ोर पड़ रही है. व्यापार युद्धों, जलवायु परिवर्तन और महामारियों के बीच इनमें से कोई भी झटका किसी भी देश को पूरी तरह से झकझोर सकता है. फिर भी गुयाना सुरक्षित नजर आता है. इस मामले में वियतनाम और चीन जैसे देश भी पीछे हैं, जो सात में से केवल छह खाद्य समूहों में ही खाद्यान्न उत्पादन कर पाते हैं, लेकिन गुयाना 7/7 के ठोस स्तर पर है.
4.यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी देशों की स्थिति है बेहतर

हैरानी की बात यह है कि इस अध्ययन में शामिल आधे से भी कम देश पर्याप्त मात्रा में पेड़ों पर आधारित प्रोटीन उगाते हैं और केवल 25% देश अपनी बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सब्जियां उगाते हैं. यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच आम तौर पर स्थिति बेहतर है और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं.
5.छोटे द्वीपीय देशों का कैसा है हाल?

दूसरी ओर अरब प्रायद्वीप जैसे छोटे द्वीपीय देश और दूसरे कम आय वाले देश आयातित खाद्यान्न पर निर्भर हैं. संयुक्त अरब अमीरात, इराक, कतर, यमन और अफ़ग़ानिस्तान किसी भी खाद्य समूह का इतना उत्पादन करने में विफल रहे कि वे मानक को पूरा कर सकें.
6.प्रेरणादायक है गुयाना से जुड़ा यह फैक्ट

खाद्यान्न आत्मनिर्भरता पर यह नया ध्यान एक बड़ी समस्या को भी दिखाता है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. क्योंकि विश्व सम्पूर्ण विकास की ओर अग्रसर है गुयाना का मामला एक प्रेरणा भी प्रदान करता है और वैश्विक खाद्य प्रणाली की नाजुकता की स्पष्ट याद भी दिलाता है.
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