एजुकेशन
Jaya Pandey | Jun 12, 2026, 02:37 PM IST
1.भारत की कौन-सी नदी बांग्लादेश में कहलाती है जमुना?

भारत की कई प्रमुख नदियां बांग्लादेश में प्रवेश करने के बाद बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती हैं. इनमें गंगा, ब्रह्मपुत्र, तीस्ता, फेनी, महानंदा, अतराई और बराक जैसी नदियां शामिल हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की एक ऐसी नदी भी है जो बांग्लादेश पहुंचने के बाद अपना नाम बदल लेती है. यह नदी बांग्लादेश जाकर जमुना बन जाती है. अगर आप इसे उत्तर भारत में बहने वाली यमुना नदी समझ रहे हैं, तो आप गलत हैं.
(All Image: Wikimedia Commons)
2.ब्रह्मपुत्र के बदलते नाम

बांग्लादेश में जाकर ब्रह्मपुत्र नदी ही जमुना बन जाती है. ब्रह्मपुत्र एशिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है. इसका उद्गम तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर इलाके के पास चेमायुंगडुंग हिमनद से माना जाता है. तिब्बत में यह यारलुंग त्सांगपो नाम से बहती है. इसके बाद यह भारत के अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है. यहां इसे सियांग या दिहांग कहा जाता है. असम में दिबांग और लोहित नदियों के संगम के बाद यह ब्रह्मपुत्र नाम से विशाल स्वरूप धारण कर लेती है. आगे चलकर यह बांग्लादेश में प्रवेश करती है और वहीं इसका नाम जमुना पड़ जाता है.
3.जब बदल गया ब्रह्मपुत्र का रास्ता

18वीं शताब्दी के आखिर में आए विनाशकारी भूकंपों और भीषण बाढ़ों ने ब्रह्मपुत्र के बहने का रास्ता बदल दिया और इस नदी ने एक नया रास्ता अपनाया जिसे आज जमुना नदी के नाम से जाना जाता है. बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र का पुराना रास्ता आज भी ओल्ड ब्रह्मपुत्र या पुरानी ब्रह्मपुत्र नदी के नाम से मौजूद है, जबकि मुख्य धारा को जमुना कहा जाता है.
4.ब्रह्मपुत्र-जमुना नदी की लंबाई

ब्रह्मपुत्र-जमुना नदी की कुल लंबाई लगभग 2,900 किलोमीटर है. बांग्लादेश में यह नदी कुरीग्राम जिले के पास प्रवेश करती है और दक्षिण दिशा में बहते हुए गंगा की मुख्य धारा पद्मा से मिल जाती है. इसके बाद यह धारा मेघना नदी के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है.
5.बांग्लादेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी

जमुना नदी बांग्लादेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी है. इसकी चौड़ाई कई जगहों पर 3 किलोमीटर से लेकर 20 किलोमीटर तक पहुंच जाती है, जबकि औसत चौड़ाई लगभग 10 किलोमीटर के आसपास रहती है. मानसून के दौरान इसका जलस्तर और फैलाव काफी बढ़ जाता है. इस वजह से यह दुनिया के सबसे चौड़े रिवर सिस्टम्स में गिना जाता है.
6.जमुना के रेतीले द्वीप

जमुना बहु-धाराओं वाली नदी है. नदी का प्रवाह कई छोटी-बड़ी धाराओं में बंटा रहता है और इसके बीच में बड़ी संख्या में रेतीले द्वीप बनते और मिटते रहते हैं. बरसात के मौसम में इनमें से अधिकांश द्वीप पानी में डूब जाते हैं और पूरी नदी एक विशाल जलधारा का रूप ले लेती है. नदी की यही विशेषता इसे दुनिया की दूसरी बड़ी नदियों से अलग बनाती है.
7.दक्षिण एशिया की जीवनरेखा

ब्रह्मपुत्र-जमुना नदी को दक्षिण एशिया की जीवनरेखा माना जाता है. यह तिब्बत, भारत और बांग्लादेश के करोड़ों लोगों की आजीविका, कृषि, परिवहन और जल संसाधनों का आधार है. इस वजह से ही बांग्लादेश पहुंचकर जमुना बनने वाली ब्रह्मपुत्र नदी दुनिया की सबसे अनोखी और विशाल नदी प्रणालियों में से एक मानी जाती है.
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