एजुकेशन
जया पाण्डेय | Jan 22, 2026, 11:08 AM IST
1.आज की जरूरत बन चुका है AI

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का महत्व किसी से छिपा नहीं है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग और डिजिटल सेवाओं से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक एआई हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे पहले किस आईआईटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बी.टेक का कोर्स शुरू किया था और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है?
(नोट- सभी तस्वीरें एआई जनरेटेड हैं.)
2.AI में बी.टेक शुरू करने वाला पहला आईआईटी

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बी.टेक कोर्स शुरू करने वाला पहला आईआईटी आईआईटी हैदराबाद है. जब इस कोर्स का ऐलान किया गया था, उस समय देश के अधिकांश इंजीनियरिंग संस्थानों में एआई को कंप्यूटर साइंस या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत केवल एक वैकल्पिक या विशेष विषय के रूप में पढ़ाया जाता था. एआई पर केंद्रित अलग से पूर्ण डिग्री प्रोग्राम का विचार तब बिल्कुल नया माना जाता था.
3.आईआईटी हैदराबाद की ऐतिहासिक पहल

आईआईटी हैदराबाद ने साल 2019 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बी.टेक प्रोग्राम की शुरुआत की. यह न केवल भारत का पहला ऐसा कोर्स था, बल्कि दुनिया के शुरुआती गिने-चुने एआई अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स में से एक भी था. इससे पहले इस तरह की पहल केवल अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एमआईटी और कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी (सीएमयू) में देखने को मिली थी. इस कदम ने भारत को वैश्विक एआई शिक्षा के मानचित्र पर एक अहम जगह दिलाई.
4.बी.टेक एआई का पाठ्यक्रम और उद्देश्य

आईआईटी हैदराबाद का एआई पाठ्यक्रम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि स्टूडेंट्स केवल पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर न बनें, बल्कि एआई-केंद्रित भूमिकाओं के लिए भी पूरी तरह तैयार हों. इसमें मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, डेटा साइंस, कंप्यूटर विज़न, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और रोबोटिक्स जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया जाता है. इस कोर्स के कई छात्र आगे चलकर दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं, जबकि कई टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों में अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं.
5.एआई में बी.टेक के करियर अवसर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक) करने वाले स्टूडेंट्स के लिए करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. आईटी, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, ई-कॉमर्स और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में एआई पेशेवरों की भारी मांग है. इस डिग्री के बाद मशीन लर्निंग इंजीनियर, एआई या एमएल सॉफ्टवेयर डेवलपर, डेटा साइंटिस्ट या एनालिस्ट, रोबोटिक्स इंजीनियर, कंप्यूटर विजन एक्सपर्ट और एआई रिसर्च साइंटिस्ट जैसे अनेक विकल्प उपलब्ध होते हैं.
6.भविष्य में एआई की भूमिका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास ने स्टूडेंट्स के करियर दृष्टिकोण, नवाचार की सोच और भविष्य की नौकरी की सुरक्षा को पूरी तरह बदल दिया है. एआई अब कोई सीमित या विशेष क्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक की बुनियाद बन चुका है. स्व-चालित कारें, चिकित्सा निदान, वित्तीय एल्गोरिदम, स्मार्ट ऐप्स और जनरेटिव एआई टूल्स, हर जगह एआई की भूमिका निर्णायक होती जा रही है. यही कारण है कि एआई में बी.टेक को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग डिग्रियों में गिना जा रहा है.
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