एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 20, 2025, 01:59 PM IST
1.कौन हैं आईएएस इंदरजीत सिंह?

भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. पहले इसका स्थान 41वां था. स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 की रैंकिंग में लखनऊ के टॉप 3 में जगह बनाने में आईएएस इंदरजीत सिंह का काफी योगदान है. आज हम आपको उनके एजुकेशनल बैकग्राउंड और उनके अबतक के प्रशासनिक सफर के बारे में बताएंगे.
2.2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं इंदरजीत सिंह

अपनी सादगी और कार्यकुशलता के लिए जाने जाने वाले इंदरजीत सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह पंजाब के विशालपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता इंडियन आर्मी से जुड़े हुए थे इसलिए इंदरजीत देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर पढ़ाई करने का मौका मिला.
3.एमएससी में टॉप की थी यूनिवर्सिटी

आईएएस इंदरजीत सिंह ने तेजपुर, पुणे और पठानकोट सहित भारत के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से अपनी स्कूलिंग की है. स्कूली शिक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से बीएससी की. उन्होंने फिर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से अप्लायड फिजिक्स में एमएससी की. एमएससी में उन्होंने अपने बैच में टॉप किया था.
4.आईएएस बनने से पहले बैंकिंग सेवा से जुड़े थे सिंह

भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वह बैंकिंग सेवा से जुड़े हुए थे. उन्होंने बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में काम किया है. इसके बाद वह ईपीएफओ में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के तौर पर शामिल हुए और मैसूर में 5 साल तक इस सर्विस में अपनी सेवाएं दीं.
5.तीन बार यूपीएससी में नहीं मिली सफलता

हालांकि उनके मन में कहीं न कहीं यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक कर समाज के लिए कुछ कर गुजरने का सपना पल रहा था. लेकिन यूपीएससी में सफल होना इतना भी आसान नहीं था. सिंह फिजिक्स को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाकर तीन बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठे लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी.
6.पांचवें प्रयास में आईएएस बने इंदरजीत

अपने चौथे प्रयास में इंदरजीत ने सोशियोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया. उन्होंने यह परीक्षा तो पास कर ली लेकिन रैंक अधिक होने की वजह से उन्हें भारतीय प्रशासनिक सर्विस नहीं मिल पाई. इंदरजीत ने हार नहीं मानी और पांचवीं बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठने का फैसला किया.
7.यूपीएससी 2015 में मिले कितने मार्क्स?

पांचवें प्रयास में इंदरजीत सिंह की मेहनत रंग लाई और वह आईएएस अधिकारी बने. उस साल उन्हें लिखित परीक्षा में 681 और इंटरव्यू में 198 मार्क्स मिले थे. इस तरह से उन्हें कुल मिलाकर यूपीएससी की 2015 की सिविल सेवा परीक्षा में कुल 879 मार्क्स मिले. उनकी पहली पोस्टिंग जॉइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर इटावा में हुई.
8.अभी कहां पोस्टेड हैं IAS इंदरजीत सिंह?

वह गोरखपुर में मुख्य विकास अधिकारी, लखनऊ के नगर आयुक्त के तौर पर काम कर चुके हैं. अभी आईएएस इंदरजीत सिंह UP NEDA और उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एवं EV इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर पोस्टेड हैं.
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