एजुकेशन
जया पाण्डेय | Jan 15, 2026, 06:07 PM IST
1.IAS पति ने होम कोचिंग देकर पत्नी को भी बनाया अधिकारी

यूपीएससी की सक्सेस स्टोरी हर किसी को प्रेरित करती हैं. इस दुनिया में ऐसी कई कहानियां हैं जो मेहनत, धैर्य और आपसी सहयोग की मिसाल बन जाती हैं. आज हम आपको एक ऐसे आईएएस कपल की कहानी बता रहे हैं, जिसमें पति ने पहले यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास की और फिर अपनी पत्नी को घर पर ही मार्गदर्शन देकर इस मुकाम तक पहुंचाया कि वह भी आईएएस अधिकारी बनीं.
2.पावर कपल की खूबसूरत कहानी

यह कहानी है आईएएस सूर्य प्रताप सिंह और उनकी पत्नी आईएएस कल्पना रावत की. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों की मुलाकात यूपीएससी की तैयारी के दौरान हुई थी. उस समय दोनों ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. सूर्य प्रताप सिंह ने पहले यूपीएससी परीक्षा पास कर ली, जबकि कल्पना रावत शुरुआती प्रयासों में सफल नहीं हो सकीं. इसके बावजूद सूर्य प्रताप ने उनका साथ नहीं छोड़ा और लगातार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे.
3.ऑफिस के बाद पढ़ाई में करते थे पत्नी की मदद

आईएएस बनने के बाद भी सूर्य प्रताप सिंह ने अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ पत्नी की पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया. बताया जाता है कि ऑफिस के काम पूरे करने के बाद वे घर पर कल्पना रावत की पढ़ाई में मदद करते थे और एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे. उन्होंने घर पर ही रणनीति बनाकर कल्पना की पढ़ाई करवाई और सही दिशा में तैयारी करने में मदद की.
4.सूर्य प्रताप सिंह ने 2021 में क्रैक की थी UPSC

आईएएस सूर्य प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2021 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 258वीं रैंक हासिल की थी और आईएएस अधिकारी बने थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक वे प्रशासनिक सेवाओं में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं और फिलहाल एक जिले में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं.
5.CDS का एग्जाम क्रैक कर बनने वाले थे फ्लाइंग ऑफिसर

आईएएस बनने से पहले सूर्य प्रताप सिंह ने यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा भी पास की थी. उनका चयन इंडियन एयरफोर्स के फ्लाइंग ब्रांच के लिए हुआ था. हालांकि ट्रेनिंग के दौरान गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें यह ट्रेनिंग बीच में ही छोड़नी पड़ी. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया.
6.4 बार यूपीएससी में असफल रहीं कल्पना रावत

वहीं कल्पना रावत की यूपीएससी यात्रा काफी संघर्षपूर्ण रही. उन्होंने लगातार चार बार इस परीक्षा में असफलता का सामना किया. एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी छोड़ने का मन बना लिया था. लेकिन उनके पति सूर्य प्रताप सिंह ने उन्हें दोबारा हौसला दिया और एक मार्गदर्शक के रूप में हर कदम पर साथ निभाया. बताया जाता है कि सरकारी आवास में भी वे फाइलों और काम के बीच कल्पना के लिए नोट्स तैयार करते थे और परीक्षा से जुड़ी बारीकियां समझाते थे.
7.5वें अटेम्प्ट में 78वीं रैंक लाकर बनीं आईएएस

आखिरकार कल्पना रावत ने साल 2023 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अपने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की. उन्होंने 78वीं रैंक हासिल की, जो एक शानदार उपलब्धि मानी जाती है. फिलहाल वह आईएएस की ट्रेनिंग ले रही हैं और आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रही हैं.
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