एजुकेशन
Jaya Pandey | Aug 11, 2026, 11:40 AM IST
1.IAS दीप्ति गौर मुखर्जी बनीं भारत की हायर एजुकेशन सेक्रेटरी

सीनियर ब्यूरोक्रेट और 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को भारत का नया हायर एजुकेशन सेक्रेटरी बनाया गया है. इससे पहले अगस्त 2024 में उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स का सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था. वह नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की CEO के तौर पर काम कर चुकी हैं. अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं.
(Image Credit: X@AyushmanNHA)
2.IAS दीप्ति गौर मुखर्जी का एजुकेशनल बैकग्राउंड

अगर उनकी पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो दीप्ति गौर मुखर्जी का एकेडमिक बैकग्राउंड इकोनॉमिक्स और पब्लिक पॉलिसी से जुड़ा है. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की है.
(Image Credit: X@AyushmanNHA)
3.1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं दीप्ति गौर मुखर्जी

दीप्ति गौर मुखर्जी का जन्म 3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में हुआ था. वह 1993 बैच की IAS अधिकारी हैं और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया था. मध्य प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासन से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया. वह पर्सोनल एंड जनरल एडमिनिस्ट्रेशन जैसे अहम विभागों में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर से जुड़े डिपार्टमेंट में भी सीनियर पद पर काम किया है.
(Image Credit: X@AyushmanNHA)
4.शिक्षा प्रशासन में नई नहीं हैं दीप्ति गौर मुखर्जी, पहले भी संभाला था अहम पद

शिक्षा प्रशासन में भी उनका अनुभव काफी अहम रहा है. मध्य प्रदेश में अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने सेक्रेटरी एजुकेशन के तौर पर भी काम किया. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश की 'मिल बांचे' और 'कहानी उत्सव' जैसी पहलों पर काम किया. इनका मकसद बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना और शुरुआती पढ़ने-लिखने के कौशल को मजबूत करना था.
(Image Credit: X@AyushmanNHA)
5.नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की सीईओ रह चुकी हैं आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी

केंद्र सरकार से जुड़े उनके कामों में भारत के बड़े पब्लिक हेल्थ इंश्योरेंस में से एक आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में उनके योगदान को सराहा जाता है. इस दौरान वह नेशनल हेल्थ अथॉरिटी में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रही थीं. इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी का पद भी संभाला है.
(Image Credit: X@ICMAICMA)
6. हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के तौर पर क्यों अहम मानी जा रही उनकी नियुक्ति?

विनीत जोशी के बाद अब हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के पद पर नियुक्ति के बाद वह यूनिवर्सिटी, टेक्निकल एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए पॉलिसी बनाने और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के कार्यान्वयन का प्रभार संभालेंगी. ऐसे समय में जब हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट पर पहले से ही देश के एग्जाम सिस्टम में विश्वास बहाल करने का दबाव है, उनकी नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है.
(Image Credit: X@ICMAICMA)