एजुकेशन
जया पाण्डेय | Feb 14, 2026, 12:06 PM IST
1.यूपीएससी में कितने नंबर लाने में आता है इंटरव्यू कॉल?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसे Union Public Service Commission आयोजित करता है. हर साल लाखों उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस और दूसरी सिविल सेवाओं में जाने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन फाइनल सिलेक्शन बहुत कम अभ्यर्थियों का ही हो पाता है. इसलिए सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर कितने नंबर लाने पर इंटरव्यू कॉल मिलता है और सुरक्षित स्कोर कितना माना जाता है.
2.कितने चरणों में होती है यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है जिसमें प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू यानी पर्सनालिटी टेस्ट शामिल होते हैं. प्रीलिम्स में दो ऑब्जेक्टिव पेपर होते हैं जिनमें सामान्य अध्ययन का पेपर मेरिट के लिए गिना जाता है जबकि सीसैट पेपर केवल क्वालिफाइंग होता है. प्रीलिम्स पास करने वाले उम्मीदवार ही मेन्स परीक्षा में बैठते हैं. मेन्स में कुल 9 पेपर होते हैं, जिनमें 2 भाषा पेपर केवल क्वालिफाइंग होते हैं और बाकी 7 पेपर के अंक मेरिट में जुड़ते हैं. इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.
3.कितनी रहती है यूपीएससी प्रीलिम्स की कटऑफ?

प्रीलिम्स कटऑफ हर साल पेपर की कठिनाई और वैकेंसी के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए इसे फिक्स नंबर नहीं माना जाता. हाल के वर्षों में सामान्य वर्ग के लिए प्रीलिम्स कटऑफ आमतौर पर लगभग 85 से 95 अंकों के बीच रहा है, जबकि ओबीसी थोड़ा नीचे और एससी-एसटी उससे कुछ कम रहते हैं. ध्यान रखने वाली बात यह है कि प्रीलिम्स के अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते, यह केवल स्क्रीनिंग टेस्ट होता है.
4.यूपीएससी में सुरक्षित स्कोर कितना माना जाता है?

सबसे अहम चरण मेन्स परीक्षा होती है क्योंकि इंटरव्यू कॉल इसी के अंकों पर तय होता है. मेन्स परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है और इसी स्कोर के आधार पर इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है. हाल के ट्रेंड देखें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को आम तौर पर लगभग 720 से 750 अंकों के आसपास स्कोर करने पर इंटरव्यू कॉल मिल जाता है, जबकि ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी के लिए यह सीमा कुछ कम रहती है इसलिए सुरक्षित स्कोर के रूप में 750+ अंक को अच्छा माना जाता है ताकि इंटरव्यू कॉल की संभावना मजबूत हो सके.
5.कितने नंबर लाकर बनते हैं आईएएस-आईपीएस?

फाइनल चयन केवल मेन्स और इंटरव्यू के अंकों से तय होता है. मेन्स के 1750 अंक और इंटरव्यू के 275 अंक मिलाकर कुल 2025 अंकों पर मेरिट बनती है. हाल के वर्षों में सामान्य वर्ग का अंतिम चयन आमतौर पर लगभग 930 से 960 अंकों के आसपास हुआ है, जबकि दूसरी श्रेणियों के लिए कटऑफ थोड़ा कम रहता है. इसका मतलब साफ है कि सिर्फ इंटरव्यू तक पहुंचना ही नहीं बल्कि वहां अच्छा प्रदर्शन करना भी उतना ही जरूरी होता है.
6.ऐसे पूरा होता है आईएएस-आईपीएस बनने का सपना

इस तरह अगर आसान भाषा में समझें तो प्रीलिम्स सिर्फ एंट्री गेट है. असली मुकाबला मेन्स में होता है और इंटरव्यू अंतिम चरण है जहां आपकी व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है. सही रणनीति, नियमित उत्तर लेखन अभ्यास और संतुलित तैयारी के साथ उम्मीदवार न केवल इंटरव्यू कॉल पा सकते हैं बल्कि आईएएस-आईपीएस बनने का सपना भी पूरा कर सकते हैं.
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