एजुकेशन
जया पाण्डेय | Jan 23, 2026, 01:56 PM IST
1.Border 2 में फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं दिलजीत दोसांझ

फिल्म Border 2 में दिलजीत दोसांझ इंडियन एयरफोर्स के वीर योद्धा फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों (PVC) का किरदार निभा रहे हैं. उनकी वीरता की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ी है. आज हम आपको बताएंगे कि निर्मल जीत सिंह सेखों कितने पढ़े-लिखे थे और भारतीय वायु सेना तक पहुंचने का उनका सफर कैसा रहा.
2.इंडियन एयरफोर्स के एकमात्र अधिकारी जिन्हें मिला परमवीर चक्र

फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों इंडियन एयरफोर्स की नंबर 18 स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग बुलेट्स' के सदस्य थे. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने अकेले श्रीनगर एयरबेस की रक्षा की थी. पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमलों के खिलाफ असाधारण साहस दिखाने के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया. वे आज तक भारतीय वायु सेना के एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें यह सर्वोच्च वीरता सम्मान मिला है.
3.निर्मल जीत सिंह सेखों की पढ़ाई-लिखाई

निर्मल जीत सिंह सेखों की शुरुआती पढ़ाई खालसा हाई स्कूल से हुई थी. पढ़ाई में वे अच्छे थे और आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने 1962 में आगरा के दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया. हालांकि आसमान में उड़ान भरने का सपना उनके भीतर हमेशा से था. इसी जुनून के चलते उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने का फैसला किया.
4.इंडियन एयरफोर्स एकेडमी में ट्रेनिंग

उन्होंने इंडियन एयरफोर्स एकेडमी में ट्रेनिंग ली और 4 जून 1967 को उन्हें पायलट ऑफिसर के रूप में भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला. ट्रेनिंग के दौरान ही उनके उड़ान कौशल, अनुशासन और साहस ने वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान खींच लिया था.
5.14 दिसंबर का वो दिन...

फ्लाइंग ऑफिसर सेखों श्रीनगर में तैनात गनैट फाइटर विमान के पायलट थे. उनकी जिम्मेदारी कश्मीर घाटी की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करना था. 14 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी वायु सेना के सैबर जेट विमानों ने श्रीनगर एयरफील्ड पर हमला कर दिया. उस समय फ्लाइंग ऑफिसर सेखों 'रेडी ड्यूटी' पर थे.
6.वीरता की वो कहानी जिसे सुनकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

जानलेवा हालात और दुश्मनों की भारी संख्या के बावजूद उन्होंने बिना झिझक उड़ान भरी. आसमान में उन्होंने दुश्मन के सैबर विमानों से सीधी टक्कर ली. इस हवाई युद्ध में उन्होंने एक दुश्मन विमान को मार गिराया और दूसरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया. कुछ ही समय में और सैबर विमान मदद के लिए आ पहुंचे और उनका गनैट विमान चारों ओर से घिर गया.
7.वीरगति पाकर इतिहास में यूं दर्ज किया नाम

अकेले होते हुए भी फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने हार नहीं मानी. पेड़ों की ऊंचाई पर हुए इस भीषण डॉगफाइट में उन्होंने आखिरी सांस तक संघर्ष किया. आखिरकार दुश्मन की भारी संख्या के कारण उनका विमान मार गिराया गया और वे वीरगति को प्राप्त हुए. उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.
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