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कितना पढ़े-लिखे हैं Where Is My Train ऐप के फाउंडर? जानें अहमद निज़ाम मोहीदीन की सक्सेस स्टोरी

आज हम आपको Where Is My Train ऐप के फाउंडर अहमद निज़ाम मोहीदीन के बारे में बताएंगे जिन्होंने यात्रियों को ट्रेन ट्रैकिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह ऐप बनाया था और आज इसे 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं...

Jaya Pandey | Nov 29, 2025, 12:55 PM IST

1.रेल यात्रियों के लिए बेहद काम की है Where is my Train ऐप

रेल यात्रियों के लिए बेहद काम की है Where is my Train ऐप
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भारत में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. यह यातायात का साधन किफायती होने के साथ लोगों को उनकी मंजिल तक जल्दी पहुंचा देता है. लेकिन कई बार ट्रेन की टाइमिंग की सही जानकारी न होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई बार लोग गलत प्लेटफॉर्म तक अपनी ट्रेन का इंतजार करते हैं तो कई बार समय की जानकारी न होने की वजह से उनकी ट्रेन छूट जाती है.

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2.100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं ये ऐप

100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं ये ऐप
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ऐसी ही दिक्कतों ने एक इंजीनियर के दिमाग में एक आइडिया को जन्म दिया. उन्होंने एक ऐसा ऐप बनाया जिसे आज 100 मिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं. यह ऐप आपको ट्रेन की सटीक जानकारी देती है कि आपकी ट्रेन कब स्टेशन पर पहुंचेगी, किस प्लेटफॉर्म पर रुकेगी और आपका कोच और सीट कहां होगा?

3.बेंगलुरु के इंजीनियर अहमद निज़ाम मोहीदीन हैं इसके फाउंडर

बेंगलुरु के इंजीनियर अहमद निज़ाम मोहीदीन हैं इसके फाउंडर
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बेंगलुरु के इंजीनियर अहमद निज़ाम मोहीदीन ने साल 2015 में Where is My Train नाम के ऐप को लॉन्च किया था. इस ऐप की खास बात यह है कि इससे बिना इंटरनेट एक्सेस के भी आसानी से किसी भी ट्रेन को ट्रैक किया जा सकता है. इस ऐप की सादगी और उपयोगिता ने इसे इतना लोकप्रिय बना दिया कि इसे अबतक 100 मिलियन से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. 

4.कितने पढ़े-लिखे हैं अहमद निज़ाम मोहीदीन?

कितने पढ़े-लिखे हैं अहमद निज़ाम मोहीदीन?
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अगर अहमद निज़ाम मोहीदीन के एजुकेशन क्वॉलिफिकेशन की बात करें तो उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने विद्या विकास मेट्रिक हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर्स ऑफ इंजीनियरिंग की है. इसके बाद उन्होंने Xperi Inc. और गूगल जैसी कंपनियों में सीनियर इंजीनियर के तौर पर काम भी किया है.

5.साल 2018 में गूगल ने खरीदा यह ऐप

साल 2018 में गूगल ने खरीदा यह ऐप
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उनकी Where is My Train की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ लोगों की समस्या का हल करने के लिए बने इस ऐप ने बिना किसी बड़े निवेश या प्रचार के अपना बढ़िया यूजर बेस तैयार कर लिया. साल 2018 में गूगल ने इस ऐप को खरीद लिया है. यह कहानी साबित करती है कि किसी भी प्रोडक्ट की सफलता के लिए बड़ी फंडिंग नहीं बल्कि आइडिया बढ़िया होना चाहिए.

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